पंजाब: भाजपा के बाग़ी मंत्री अनिल जोशी ने संभाली SAD के चुनाव प्रचार की कमान, चढ़ा सियासी पारा
शिरोमणि अकाली दल में शामिल होने के बाद बाद अनिल जोशी ने पहली बार अपने विधानसभा हलका पूर्वी के एक रिसोर्ट में मिलन समारोह आयोजित किया। मिलन समारोह में शिरोमणि अकाली दल एकजुटता की हुंकार भरी
चंडीगढ़, अगस्त 28, 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र शिरोमणि अकाली दल ने भी प्रचार प्रसार करना शुरू कर दिया है। एक तरफ़ शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल सौ दिनों के विधानसभा दौरे पर हैं तो वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी छोड़ कर अनिल जोशी ने भी शिरोमणि अकाली दल का थामन थाम लिया है और चुनावी प्रचार में जुट गए हैं।

मिलन समारोह का आयोजन
शिरोमणि अकाली दल (SAD) का हिस्सा बने अनिल जोशी शनिवार को शक्ति प्रदर्शन कर अपनी ताक़त दिखाई। शिरोमणि अकाली दल में शामिल होने के बाद बाद अनिल जोशी ने पहली बार अपने विधानसभा हलका पूर्वी के एक रिसोर्ट में मिलन समारोह आयोजित किया। मिलन समारोह में शिरोमणि अकाली दल एकजुटता की हुंकार भरी। मिलन समारोह के मंच पर शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल, पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के अलावा माझा के तमाम अकाली-बसपा गठबंधन के नेता शामिल हुए।
अनिल जोशी अपने हलके में सक्रिय
आपको बता दें कि अनिल जोशी ने चंडीगढ़ में 20 अगस्त को अकाली दल में शामिल हुए थे। शिअद में शामिल होने के बाद से ही अनिल जोशी अपने हलके में सक्रिय हो गए हैं। अकाली दल के साथ कई सालों से चली आ रही उनकी खटास भी लगभग खत्म हो गई है। यही वजह है कि अनिल जोशी के कार्यक्रमों में शिरोमणि अकाली दल जत्था शहरी के प्रधान सहित तमाम नेता शिरकत करते हैं। अनिल जोशी की अपने कार्यकर्ता पर काफ़ी अच्छी पकड़ है। यह पहला मौका है जब जोशी शक्ति प्रदर्शन कर अपनी ताकत शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी को दिखाई।
SAD का बढ़ रहा दायरा
अनिल जोशी के मिलन समारोह में कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने उनके नेतृत्व में शिरोमणि अकाली दल का दामन थामा। वहीं भारतीय जनता पार्टी में उनके साथ रही टीम के कई अहम नेता भी शिरोमणि अकाली दल हिस्सा बने। वहीं अनिल जोशी की निगाहें भारतीय जनता पार्टी से रूठे हुए नेताओं पर भी हैं। क़यास लगाए जा रहे हैं कि वह भी अनिल जोशी के नेतृत्व में शिरोमणि अकाली दल का हिस्सा बन सकते है। मिलन समारोह में शिरोमणि अकाली दल का हिस्सा बनने वालों में सिर्फ़ उत्तरी हलके से जुड़े नेता ही नहीं हैं, बल्कि शहर के अन्य हलकों के नेता और कार्यकर्ता भी शामिल हैं।
शिअद की तलाश ख़त्म
शिरोमणि अकाली दल औऱ बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन को शहरी इलाके में कई कद्दावर हिदू नेता की ज़रूरत थी। जिसके चेहरे पर वह शहर के पांचों विधानसभा हलकों में अपना वर्चस्व क़ायम कर सके। अनिल जोशी के शिरोमणि अकाली दल में शामिल होने के बाद उन्हें एक चेहरा मिल गया है। यही वजह है कि शिरोमणि अकाली दल भी शहरी विधानसभा क्षेत्र में काफ़ी सक्रिय हो गई है। अनिल जोशी के साथ मिलकर सभी अकाली हाथ मे हाथ डालकर ज़ोर-शोर से प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।
'कांग्रेस और SAD की तुलना कर रही जनता'
मिलन समारोह से अनिल जोशी ने विधानसभा चुनाव 2022 का चुनावी बिगुल फ़ूंक दिया है। लोगों ने पिछले साढ़े चार साल में कांग्रेस का शासनकाल देखा लिया है। अब लोग कांग्रेस और अकाली दल के राज की तुलना कर रहे हैं। राजनीतिक सलाहकारों का कहना है कि अकाली सरकार के समय हुए विकास को कांग्रेस सरकार संभाल नहीं सकी। अपनी अहम की लड़ाई में कांग्रेसी नेताओं ने पंजाब को धरातल पर धकेल दिया है।












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