OPINION: CM मान की पहल से किसानों की बढ़ी आमदनी, पराली जलाने का झंझट खत्म, इस उपाय से लाखों कमा रहे किसान
OPINION: मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब ने एक और कीर्तिमान स्थापित किया है। जिस चीज के लिए पंजाब के किसानों को कोसा जाता था, आज उसी चीज से पंजाब के किसान लाखों कमा रहे हैं। पराली अब फायदे का सौदा बन गई है। क्योंकि, पराली की समस्या के समाधान के लिए भगवंत मान सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं।
इसका नतीजा ये निकला कि पंजाब के किसान अब पराली जला नहीं रहे हैं, बल्कि इसका सही उपयोग कर लाखों कमा रहे हैं। इससे पराली जलाने की घटनाओं में काफी कमी आई है। एक तीर से दो निशाने साधने वाली बात हो गई। एक तरफ प्रदूषण में भी कमी आ गई, वहीं दूसरी तरफ किसानों की आमदनी बढ़ गई।

पराली जलाने की संख्या 2022 में 5798 से घटकर 2023 में 2704 हो गई है। आधे से भी कम हो गई है। पराली जलाने के मामले में 53 प्रतिशत की भारी कमी आई है। पराली में आग लगाने की घटना हर साल 15 सितंबर से शुरू होती है। 31 लाख हेक्टेयर में धान की खेती वाला राज्य पंजाब 20 मिलियन टन धान का भूसा पैदा करता है।
बता दें कि इस समस्या के समाधान के लिए इन-सीटू प्रबंधन पहल में किसान समूहों के लिए 80 प्रतिशत सब्सिडी और व्यक्तिगत किसानों के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी पर फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) मशीनों का प्रावधान शामिल है। कटाई से पहले पंजाब ने 24 हजार मशीनों की खरीद को मंजूरी दे दी, जिनमें से 16000 मशीनें पहले से ही किसानों द्वारा उपयोग में हैं।
वहीं, दूसरी तरफ वायु पंजाब के किसान पराली को खेतों में जलाने के बजाय 'बायोमास' संयंत्रों और 'बॉयलर' को बेचकर लाखों रुपये कमा रहे हैं। गुरदासपुर के रहने वाले पलविंदर सिंह उन किसानों में शामिल हैं, जिन्होंने पिछले साल एक 'बेलर' खरीदा और फिर उसके जरिये पराली के गट्ठर बनाकर उन्हें कारोबारियों को बेचना शुरू किया।
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