पंजाब न्यूज: लुधियाना में तैनात पटवारी और उसके निजी एजेंट के खिलाफ रिश्वत लेने के आरोप में दर्ज हुआ केस
पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार भ्रष्टाचारियों पर जमकर नकेल कस रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान सिंह सरकार के विजिलेंस ब्यूरो पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिल चला रही है। इस मुहिम के तहत विजलेंस विभाग ने पूर्वी लुधियाना में तैनात राजस्व पटवारी गुरविन्दर सिंह औरउसके निजी एजेंट निक्कू के खिलाफ 34.70 लाख रुपए रिश्वत लेने के लिए भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया गया है। इस केस में पटवारी के भाई और पिता को भी रिश्वत लेने की साजिश रचने के दोष के अधीन शामिल किया है।

राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बठिंडा के रामपुरा फूल निवासी शिकायतकर्ता बब्बू तंवर ने उक्त पटवारी और उसके प्राईवेट एजेंट के खि़लाफ़ मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन पर शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसमें उसने आरोप लगाया था कि उक्त दोनों मुलजिमों ने साल 1994 में रजिस्टरी हुई अपने पिता की जायदाद का इंतकाल मंज़ूर कराने के एवज में 40,000 रुपए की रिश्वत ली है।
शिकायतकर्ता ने इस मामले में विजिलेंस ब्यूरो रेंज लुधियाना की टीम की तरफ से आनलाइन शिकायत की पड़ताल की गई जिस दौरान सामने आया कि उक्त पटवारी, उसके एजेंट निक्कू, पिता परमजीत सिंह और उक्त पटवारी के भाई ने आपस में मिलीभुगत करके उसके पिता की लुधियाना के बस स्टैंड के नज़दीक स्थित जायदाद के इंतकाल को मंज़ूरी देने के एवज में अलग-अलग समय पर चार बारी में कुल 27,50,000 रुपए रिश्वत ली है।
शिकायतकर्ता ने यह भी दोष लगाया कि पूर्वी लुधियाना में तैनात पटवारी और उसके एजेंट निक्कू ने उससे स्मार्ट घडिय़ों समेत दो आई- फ़ोन और 3 लाख रुपए कीमत वाली पाकिस्तानी जूतियां खरीदने के लिए 3 40, 000 रुपए भी लिए थे। इतना ही नहीं शिकायतकर्ता द्वारा उक्त पटवारी के बिचोलिये निक्कू की बर्थ डे पार्टी के मौके भी 80,000 रुपए ख़र्च किये थे।
विजिलेंस ब्यूरो की जांच के अनुसार उक्त पटवारी ने न तो इस जायदाद का इंतकाल दर्ज किया और न ही शिकायतकर्ता से प्राप्त की रकम वापस की, जिससे सिद्ध होता है कि दोनों मुलजिमों ने रिश्वत लेकर भी उसके साथ ठगी की है।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि इस सम्बन्ध में पटवारी गुरविन्दर सिंह, उसके साथी निक्कू सहित पटवारी के भाई और पिता को रिश्वत मांगने और लेने और आपसी मिलीभगत के साथ साजिश रचने में दोषी पाते हुये इन पर भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने ये भी बताया उक्त आरोपी पूछताछ में शामिल होने के लिए नहीं आए और इस मामले में उनको अरेस्ट करने के लिए प्रयासर किए जा रहे हैं।












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