पंजाब में 39 प्राइवेट बसों का परमिट किया गया रद्द
पंजाब के परिवहन मंत्री ने 39 प्राइवेट बसों के लाइसेंस को रद्द कर दिया है। ये बसे गैरकानूनी तरीके से प्रदेश में चल रही थी। जिन बसों को लाइसेंस रद्द किया गया है उसमे 25 बसे उन कंपनियों की हैं जिनपर पहले मालिकाना हक बादल परिवार का था।
परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि विभाग की गाइडलाइन के अनुसार बस पर्मिट सिर्फ एक बार ही बढ़ाया जा सकता है, लेकिन प्राइवेट बस ऑपरेटर्स ने इसे तीन बार गलत तरही के बढ़वाया है। इन बसों के परमिट को रद्द कर दिया गया है।

पंजाब में अलग-अलग शहरों के बीच चलने वाली 13 बसों के परमिट को रद्द कर दिया गया है, ये बसे डाबवली ट्रांसपोर्ट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड की हैं जबकि 12 बसे ऑर्बिट एविएश प्राइवेट लिमिटेड की हैं। 7 बसें जूझर पैसेंजर बस सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, दो बसें न्यू दीप मोटर्स की है। कुछ अन्य कंपनियों की भी 1-1 बसों के परमिट को रद्द किया गया है।
इसके साथ ही क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह इन गाड़ियों का परमिट फिर से लागू करने पर विचार ना करें। इन परमिट को टाइम टेबल से हटाने का निर्देश दिया या है। पीआरटीसी फरीदकोट, भटिंडा, बरनाला, बुधाला के जनरल मैनेजर को निर्देश दिया गया है कि अगर ये बस फिर से चलती दिखती हैं तो इन्हे तुरंत रोका जाए।
मंत्री ने कहा कि पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा 1999 की सिविल रिट याचिका संख्या 15786 में दिए गए निर्णयों के अनुरूप, क्लब परमिट धारक जिनके रूट एक्सटेंशन को एक से अधिक बार बढ़ाया गया था, उन्हें रद्द करने का आदेश दिया गया था। मंत्री ने कहा कि परमिट धारकों के अभ्यावेदन को सुनने के बाद परमिट रद्द करके इन आदेशों को क्रियान्वित किया गया है।












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