मुख्तार अंसारी को पंजाब जेल में रखने का खर्चा 55 लाख! AAP सरकार ने कैप्टन और रंधावा को भेजा नोटिस
Mukhtar Ansari row: पंजाब की भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी को पंजाब की जेल में रखने के लिए 55 लाख रुपये की कानूनी फीस पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा से वसूलने की बात कही थी।
अब पंजाब की भगवंत मान सरकार ने 55 लाख की वसूली के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह और सुखजिंदर सिंह रंधावा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जेल विभाग ने अमरिंदर और रंधावा को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर जवाब देने के लिए कहा है।

नोटिस में किस बात पर मांगा गया जवाब
नोटिस में पूछा गया है कि मुख्तार अंसारी को पंजाब से उत्तर प्रदेश स्थानांतरित करने का विरोध करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ वकील को शामिल करने पर इतनी राशि क्यों खर्च की गई...? जबकि अंसारी कई मामलों में आरोपी था। हमें ये भी पता है कि इसमें कोई सार्वजनिक हित या पंजाब राज्य का हित शामिल नहीं था। इस मामले में अब वकील ने 55 लाख रुपये का बिल दिया है। जिसमें से वकील को 17.60 लाख रुपये की राशि दी जा चुकी है।''
अमरिंदर सिंह उस वक्त पंजाब के मुख्यमंत्री थे, जबकि रंधावा उस समय जेल मंत्री थे। नोटिस मिलने के बाद कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने ट्वीट किया।
सुखजिंदर सिंह रंधावा ने ट्वीट में कही ये बात
सुखजिंदर सिंह रंधावा ने ट्वीट कर कहा, ''मुझे आपका नोटिस मिला भगवंत मान, जैसा कि मुझे पहले से पता था। आप फिर से अपने दावों से पीछे हट गए हैं और अब जो नोटिस दिया गया है वह 55 लाख के मुकाबले 17.60 लाख रुपये का है।चूंकि मैं ट्विटर-ट्विटर नहीं खेलता, इसलिए मैं कानूनी सहारा लूंगा और आपको आपकी ऊंची पहुंच से नीचे ला दूंगा।''
कारण बताओ नोटिस के मुताबिक यूपी की बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी को 24 जनवरी 2019 पंजाब की रोपड़ जेल में शिफ्ट किया गया था और वह 6 अप्रैल, 2021 तक वहीं रहा।












Click it and Unblock the Notifications