पंजाब: क्या आलाकमान का नवजोत सिंह सिद्धू से उठ गया भरोसा, चरणजीत सिंह चन्नी को ज़्यादा तवज्जो क्यों ?
पंजाब में विधानसभा चुनाव की तारीखों को एलान हो चुका है। एक ओर सभी सियासी पार्टियां चुनावी तैयारियों में जुटी हुईं हैं।
चंडीगढ़, 31 जनवरी 2022। पंजाब में विधानसभा चुनाव की तारीखों को एलान हो चुका है। एक ओर सभी सियासी पार्टियां चुनावी तैयारियों में जुटी हुईं हैं। वहीं पंजाब कांग्रेस आपसी गुटबाज़ी से ही बाहर नहीं निकल पा रही है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू अपनी बयानबाज़ी से पार्टी की मुश्किलें बढ़ाते ही जा रहे हैं। यही वजह है कि कांग्रेस आलाकमान का पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू से भरोसा उठ गया है। पार्टी आलाकमान सिद्धू से ज़्यादा तवज्जो चरणजीत सिंह चन्नी को दे रही है। चरणजीत सिंह चन्नी को पार्टी में ज़्यादा अहमतियत देने की पीछे की वजह यह है कि उन्होंने जो भी क़दम उठाया वह आलाकमान से मशवरा के बाद उठाया। सिद्धू और उनके गुट के लोगों को यह बात गले नहीं उतर पा रही है। हालांकि सिद्धू मीडिया में चन्नी के साथ मतभद या मनभेद की बातों को नकारते हुए नज़र आ रहे हैं।

सिद्धू की बातों को तरजीह नहीं
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने एक न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि कांग्रेस को सिर्फ़ कांग्रेस ही हरा सकती है। सिद्धू की इस बयानबाज़ी के बाद के बाद सियासी गलियारों में यह चर्चा ज़ोरों पर थी कि कांग्रेस की तरफ़ से ख़ुद को सीएम उम्मीदवार घोषित नहीं किए जाने से सिद्धू नाराज़ चल रहे हैं। वहीं कांग्रेस हाइकमान ने सिद्धू के तेवर को देखते हुए उन पर भरोसा जताना कम कर दिया है। सूत्रों की मानें तो सिद्धू अपने क़रीबी उम्मीदवारों को टिकट दिलवाना चाहते लेकिन उनके मुताबिक टिकट का बंटवारा नहीं होने की वजह से भी वह पार्टी से ख़फ़ा हैं। वहीं सिद्धू चाहते थे कि उनके पंजाब मॉडल को पूरी तरह से कांग्रेस के मैनिफ़ेस्टो में शामिल किया जाए लेकिन आलाकमान ने इस बात को भी पूरा नहीं किया। इसके साथ ही सिद्धू ने जो भी चुनावी वादे किए थे उन सब वादों को भी चुनावी घोषणा पत्र में जगह नहीं दी गई है।

CM चन्नी पर आलाकमान को पूरा भरोसा
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर आलाकमान इसलिए ज़्यादा भरोसा कर रही है क्योंकि उन्होंने हर क़दम आलाकमान से पूछ कर उठाया है। पीएम मोदी की कथित सुरक्षा चूक मामले में जिस तरह से चन्नी ने भाजपा का काउंटर किया है उससे भी आलाकमान की नज़र में चरणजीत सिंह चन्नी की लोकप्रियता बढी है। बताया जा रहा है कि जब सीएम चन्नी के भाई डॉक्टर मनोहर सिंह का टिकट कटा था तब भी चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने भाई को टिकट देने की सिफारिश नहीं की थी। उन्होंने सभी फ़ैसला आलाकमान के उपर छोड़ दिया। जबकि खबर यह भी आ रही थी कि कांग्रेस सीएम चन्नी के भाई को मनाने की पुरज़ोर कोशिश कर रही है। लेकिन इसके बावजूद चन्नी ने अपनी तरफ़ से पार्टी के फ़ैसले में कोई दखल अंदाजी नहीं की थी।

कौन होगा मुख्यमंत्री उम्मीदवार ?
पंजाब चुनाव में कांग्रेस भी अपना सीएम उम्मीदवार घोषित करने जा रही है। सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री के चेहरा कौन होगा इस पर फ़ैसला हो चुका है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने अंदरूनी सर्वे जो कराया था, जिसमे चरणजीत सिंह चन्नी के कामों की वजह पंजाब में कांग्रेस की छवि में सूधार हुआ है। चरणजीत सिंह चन्नी के कामों को आधार बनाते हुए और पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की पसंद जानने के बाद पार्टी आलाकमान ने यह फ़ैसला लिया है कि चन्नी को ही मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया जाए। राहुल गांधी जल्द ही पंजांब कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा कर सकते हैं।
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