पंजाब में शिक्षा क्रांति: भगवंत मान सरकार के फैसले से संवरेगा छात्रों का भविष्य
सिंगापुर से लौटे प्रिंसिपल्स ने अपने अनुभव साझा करते हुए बच्चों को किस तरह से पढ़ाएंगे इसके बारे में बताया। ट्रेनिंग लेकर आए प्रिंसिपलों ने पंजाब के सीएम भगवंत मान से अपने एक्सपीरियंस शेयर किए।

पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली स्कूल मॉडल के तहत सूबे की शिक्षा प्रणाली दुरुस्त करने में जुटी हुई है। मान सरकार का सारा फोकस पंजाब की स्कूलों को बेहतर करने में हैं। इसी के तहत पंजाब के 36 प्रिंसिपलों को सिंगापुर में ट्रेनिंग लेने भेजा, जो अब वापस लौटे आए हैं। जिसके बाद अब सरकार स्कूल के बच्चों को नई तकनीक से टीचर पढ़ाएंगे।
प्रोफेशनल टीचिंग ट्रेनिंग लेकर लौटे पंजाब के प्रिंसिपल्स
सिंगापुर में ट्रेनिंग लेने के बाद 36 प्रिंसिपलों का पहला बैच स्वदेश लौट आया है। पंजाब के अलग अलग सरकारी स्कूलों के यह प्रिंसिपल सिंगापुर से प्रोफेशनल टीचिंग ट्रेनिंग सेमिनार में शामिल होने के बाद 11 फरवरी को वापस लौटे थे। 4 फरवरी को प्रिंसिपल्स का पहला जत्था सीएम मान रवाना किया था, जिन्होंने 6 से 10 फरवरी तक सिंगापुर में टीचिंग ट्रेनिंग ली थी।
नई तकनीक से उज्जवल होगा बच्चों के भविष्य
अब इन प्रिंसिपल्स ने अपने अनुभव साझा करते हुए बच्चों को किस तरह से पढ़ाएंगे इसके बारे में बताया। ट्रेनिंग लेकर आए प्रिंसिपलों ने पंजाब के सीएम भगवंत मान से अपने एक्सपीरियंस शेयर किए। उन्होंने इस बात के बारे में भी बताया कि स्कूल में बच्चों को पढ़ाते वक्त किन बातों पर फोकस करना होगा।
पैराडाइम तकनीक से होगी स्कूल में पढ़ाई
प्रिंसिपल ने बताया कि पंजाब में अब पैराडाइम तकनीक से स्कूल में पढ़ाई होगी। इस टेक्निक में एजुकेशन स्टूडेंट्स पर फोकस रहती है और किताबों की जगह छात्र सब्जेक्ट होता है। सिंगापुर में प्रिंसिपलों को 'टीच लेस एंड लर्न मोर' की तकनीक सिखाई गई है। इसके साथ ही बच्चों को पढ़ाते समय प्रोफिशिएंसी एंड एफिशिएंसी पर ज्यादा ध्यान देने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही पेचीदा सिलेबस को आसानी से खेल-खेल में पूरा करवाए जाएंगे।
इस तरह से उज्जवल होगा बच्चों के भविष्य
इसके अलावा प्रिंसिपलों को ट्रे्निंग में ज्वॉयफुल लर्निंग, विजन, मिशन एंड गोल, परस्पर ज्ञान का प्रसार, बच्चों में राष्ट्रवाद की भावना, विद्यार्थियों के प्रति दायित्व बोध, विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच सामान्य समझ, सामाजिक सहभागिता, विषय नहीं शिक्षार्थी पर ध्यान आदि के बारे में सिखाया गया है, जो कि पंजाब के बच्चों के बेहतर विकास के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।












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