पंजाब में भारतीय जनता पार्टी को मिल सकता है कृषि कानूनों की वापसी का फ़ायदा, समझिए सियासी गणित
पंजाब विधानसभा चुनाव के रण में उतरने के लिए भारतीय जनता पार्टी कमर कस चुकी है। किसान आंदोलन की वजह से पंजाब में भाजपा पांव नहीं पसार पा रही थी
चंडीगढ़ 11, दिसंबर 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के रण में उतरने के लिए भारतीय जनता पार्टी कमर कस चुकी है। किसान आंदोलन की वजह से पंजाब में भाजपा पांव नहीं पसार पा रही थी, लेकिन कृषि कानूनों की वापसी के बाद भारतीय जनता पार्टी चुनावी मैदान में सक्रिय हो गई है। अब भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेताओं की पंजाब में एंट्री होने लगी है। भाजपा की पूर्व कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीकांता चावला से वन इंडिया हिंदी ने ख़ास बातचीत की इस दौरान उन्होंने बताया कि कृषि कानून वापस होने के बाद पंजाब में किसानों समेत अन्य लोग भाजपा के साथ ज़ुड़ेंगे। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन की वजह से भाजपा के दिग्गज नेता पंजाब नहीं आ पा रहे थे लेकिन अब सभी लोगों पंजाब में आएंगे और पंजाब की सियासी फिज़ा बदलेगी।

अब पंजाब सुधारेंगे- मीनाक्षी लेखी
पूर्व कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीकांता चावला ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले कह चुके हैं कि आचार संहिता लगने के बाद कांग्रेस के बड़े चेहरे उकी पार्टी में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि आज से भाजपा के नेताओं का पंजाब में आना जाना शुरू हो चुका है। अब भाजपा अपनी सियासी ज़मीन मज़बूत करने में जुट गई है। इसी क्रम में आज भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री, केंद्रीय विदेश और संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने लुधियाना में पहुंची। युवा अधिवक्ताओं को भारतीय जनता पार्टी में करवाने के मौक़े पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने राज्य को को सुधार दिया, अब पंजाब की बारी है। उन्होंने वकीलों के ज़रिए समाज को ठीक किया जा सकता है।

केन्द्र सरकार की गिनाईं उपलब्धियां
केंद्रीय विदेश और संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में 7 एम्स थे, एनडीए सरकार ने 15 नए एम्स बनाए हैं। स्मार्ट सिटी का पैसा भी दिल्ली से ही आ रहा है। पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी दलों की तरफ़ से मुफ़्त में देने के लोक लुभावने वादे पर उन्होंने तंज कसा। मीनाक्षी लेखी ने कहा कि क्या मुख्यमंत्री या पार्टी टकसाल लगा कर बैठे हैं जो हर चीज मुफ़्त में देने की बात कर रहे हैं। पंजाब के लोगों को अच्छी योजनाएं चाहिए जिससे समाज के लोग तरक्की कर सकें। पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि योजनाएं बनाने में राज्य सरकार नाकाम साबित हुई है। प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना में भी घपला किया गया है। क्योंकि आवास योजना का पैसा लाभार्थी के खाते में नहीं जाकर चेक द्वारा दिया जा रहा है। पेट्रोल के बढ़े दामों के लिए भी कांग्रेस सरकार जिम्मेदार है। प्रदेश को भिखारी बनाने मे कांग्रेस का हाथ है। आगामी विधानसभा चुनाव जनता सभी चीजों का हिसाब लेगी।

भाजपा के साथ आ सकते हैं किसान
कृषि बिल वापसी के बाद पंजाब में सियासी समीकरण पूरी तरह से बदलते हुए नज़र आ रहे हैं। किसान आंदोलन की वजह से पंजाब में भारतीय जनता पार्टी अपनी सियासी पकड़ मज़बूत नहीं कर पा रही थी। कृषि कानून वापस होने के बाद अब कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी किसानों को साधने की रणनीति तैयार कर रही है। पंजाब में 13 दिसंबर को भारतीय जनता पार्टी का भव्य कार्यक्रम हो सकता है। सूत्रों की मानें तो कैप्टन अमरिंदर सिंह हर हलके से किसानों का नेतृत्व कर रहे किसान नेताओं पार्टी में शामिल कर अहम ज़िम्मेदारी देने की रणनीति तैयार करने में जुटे हुए हैं। कार्यक्रम के दौरान किसान नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाते हुए यह संदेश देने की कोशिश की जाएगी कि हम लोगों को किसानों का भी समर्थन मिल रहा है। किसान हमारे साथ हैं। इसके ज़रिए मतदाताओं को अपने पाले में करने की कोशिश की जाएगी।
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