23 साल की उम्र में शहादत और आज़ादी का कर्ज, मुख्यमंत्री मान ने शहीदों के परिवारों को किया सम्मानित
CM Bhagwant Mann: शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हुसैनीवाला स्थित राष्ट्रीय शहीद स्मारक पर नतमस्तक होकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक अवसर पर शहीदों के परिवारों को सम्मानित किया और 24.99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 'हुसैनीवाला विरासत परिसर' की आधारशिला रखी।
मान ने 'रंगला पंजाब' बनाने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यह स्मारक केवल पत्थर की संरचना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा बनेगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इन महान क्रांतिकारियों को अब तक 'भारत रत्न' न दिए जाने पर गहरा क्षोभ प्रकट किया और देश की वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए।

लालची राजनीति पर बरसे मुख्यमंत्री, "शहीदों के नाम पर नहीं, अपने नाम पर बनवाए स्टेडियम"
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पारंपरिक राजनीतिक दलों और नेताओं पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि देश के स्वार्थी नेताओं ने जीवित रहते हुए अपने नाम पर बड़े-बड़े स्टेडियम और बुत बनवा लिए, लेकिन भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे सच्चे नायकों को वह सम्मान नहीं दिया जिसके वे हकदार थे। मान ने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन लोगों ने आज़ादी के लिए कभी लाठी तक नहीं खाई, उन्होंने सत्ता पर कब्जा कर लिया और उन शहीदों की विरासत का झूठा दावा किया जिन्होंने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया था।" उन्होंने यह भी कहा कि अगर 1952 के पहले चुनावों के बाद देश की बागडोर भगत सिंह जैसे युवाओं के हाथ में होती, तो आज भारत की तस्वीर और तकदीर दोनों अलग होती।
24.99 करोड़ का हुसैनीवाला प्रोजेक्ट, पर्यटन और इतिहास का संगम
शहीदों की याद को चिरस्थायी बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने जिस विरासत परिसर का शिलान्यास किया, वह आधुनिक सुविधाओं और गौरवशाली इतिहास का मिश्रण होगा। इस परियोजना की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- भव्य बुनियादी ढांचा: एक विशाल प्रवेश द्वार और शहीदों के जीवन को समर्पित विशेष गैलरी।
- अत्याधुनिक तकनीक: पुराने पुल पर 3-डी मैपिंग शो और थीम आधारित ऐतिहासिक चित्र।
- सौंदर्यीकरण: म्यूजिकल फाउंटेन, भित्ति चित्र (Murals), और व्यापक लैंडस्केपिंग।
- जन सुविधाएं: बच्चों के लिए प्ले-एरिया, वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेस्टिंग जोन, आरओ प्लांट और सोलर पावर प्लांट।
आज़ादी की कीमत और '2014' वाले दावे पर पलटवार
मुख्यमंत्री ने विभाजन की त्रासदी को याद करते हुए कहा कि हमारी आज़ादी बहुत महंगी है, जिसके लिए 10 लाख लोगों ने जान गंवाई। उन्होंने उन नेताओं की कड़ी आलोचना की जो दावा करते हैं कि असली आज़ादी केवल 2014 में मिली है। मान ने इसे शहीदों का घोर अपमान बताया। उन्होंने मोहाली हवाई अड्डे के नामकरण के लिए किए गए संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने बार-बार अड़चनें डालीं, लेकिन उनकी सरकार के प्रयासों से ही इसे शहीद भगत सिंह का नाम मिला। साथ ही, उन्होंने घोषणा की कि हलवारा हवाई अड्डे का नाम भगत सिंह के गुरु, शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखा जा रहा है।
"फोटो लगाने से नहीं, मार्ग पर चलने से आएगा बदलाव"
युवाओं से सीधा संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल वाहनों पर भगत सिंह की तस्वीर लगाकर "वापस आओ" लिखने से बदलाव नहीं आएगा। उन्होंने कहा, "आज बम और पिस्तौल की नहीं, बल्कि वोट की ताकत की जरूरत है। सही नेताओं को चुनकर ही हम उनके सपनों का समाज बना सकते हैं।" उन्होंने अफसोस जताया कि लोग शहीदों को केवल जन्म या शहादत दिवस पर याद करते हैं, जबकि उनके विचारों को आत्मसात करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। मुख्यमंत्री ने संकल्प लिया कि उनकी सरकार पंजाब को फिर से समृद्ध बनाने के लिए शहीदों के बताए मार्ग पर अडिग रहेगी।
With AI Inputs
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