केंद्र पर बरसे भगवंत मान, बोले- ये सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग किसी की नहीं सुनते
भगवंत मान ने कहा कि अरविंद केजरीवाल देशभक्त बंदे हैं, अगर उन्हें पैसे कमाने होते तो वो आईआरएस अधिकारी हैं, इन्कम टैक्स के कमिश्नर हैं, उनकी पत्नी भी आईआरएस थीं, अगर पैसे ही कमाने होते तो अच्छी-भली नौकरी क्यों छोड़ते। साधु को सभी लोग साधु लगते हैं, चोर को सब चोर लगते हैं।
इनके इलेक्टोरल बॉन्ड का क्या हुआ, 8000 करोड़ के आस-पास के इलेक्टोरल बॉन्ड निकले हैं, कहते हैं कि यह चंदा है। मैं अरविंद केजरीवाल के परिवार से मिलकर आया हूं, उनका एक बेटा-बेटी है। आगे की परीक्षा देनी है उन्हें। लेकिन ये लोग उन्हें कहीं जाने नहीं दे रहे हैं, उन्हें किताब लेनी है, रिश्तेदारों के फोन आ रहे हैं, लेकिन इनसे परमीशन लेनी पड़ रही है कि अंदर जाएं या नहीं।

भगवंत मान ने कहा कि बच्चों का क्या कसूर है, उनकी पत्नी का क्या कसूर है। आखिर ये लोग किसकी मानते हैं, सुप्रीम कोर्ट की मांगते हैं, चुनाव आयोग की मानते हैं, नहीं मानते हैं। ये बहुत ही निंदनीय है। आम आदमी पार्टी अब छोटी पार्टी नहीं है। 10 साल में राष्ट्रीय पार्टी बन गई, 2 राज्यों में हमारी सरकार है, 10 हमारे राज्यसभा के सदस्य हैं, 1 हमारा लोकसभा का सदस्य है, 5 विधायक हमारे गुजरात में हैं, दो हमारे विधायक गोवा में हैं, सिंगरौली में हमारा मेयर है, चंडीगढ़ का मेयर हमारा है। आपको पता होगा कि वह चंडीगढ़ का कैसे मेयर बना। आपने देखा कि कैसे 36 वोट गिनने में उसे दिक्कत हो रही थी।
जब सुप्रीम कोर्ट गए तो कोर्ट ने कहा कि दिखाइए सारे बैलट, कोर्ट ने सभी बैलट को सही करार दिया। पहली बार कोर्ट ने किसी शहर का मेयर घोषित किया है। सिर्फ 36 वोट ये लोग नहीं गिन पाए। मुझे इसकी खुशी नहीं है कि हमारा मेयर बन गया, बल्कि 36 में से 8 वोट इन लोगों ने खराब कर दिया। जब 36 वोट के साथ ये किया तो लोकसभा चुनाव में क्या करेंगे। हम कहते आ रहे हैं कि अगर ये लोग आ गए तो संविधान को बदल देंगे। पूरी दुनिया देख रही है












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