मौलाना अबुल कलाम आजाद की पुण्यतिथि पर सीएम मान ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार ने देश के पहले शिक्षा मंत्री भारत रत्न मौलाना अबुल कलाम आजाद को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की है। देश की आजादी में जिस तरह से मौलान अबुल कलाम आजाद ने उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को याद किया गया।
बता दें कि मौलाना अबुल कलाम आजाद ने देश के स्वतंत्रता संग्राम में काफी अहम भूमिका निभाई थी। मौलाना अबुल कलाम को उनकी बौद्धिक क्षमता के लिए जाना जाता था। 20वीं सदी के भारत की राष्ट्रवादी राजनीति के प्रति गहरी प्रतिबद्धता के कारण वह कई दिग्गज नेताओं की लिस्ट में खड़े नजर आए। मौलान अबुल कलाम एक गहन विचारक, धर्म के व्याख्याता, धर्मनिरपेक्षता के समर्थक और आधुनिक भारतीय निर्माताओं में से एक थे। उनके भीतर उच्च शिक्षा, गहरी बुद्धि और क्रांतिकारी गतिविधि का जबरदस्त संयोजन था।

अबुल कलाम के पिता मुहम्मद खैरुद्दीन एक विद्वान और रहस्यवादी थे। उन्होंने अरबी और फारसी में कई किताबें लिखीं। दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र और कलकत्ता में बड़ी संख्या में शिष्य थे। एक धार्मिक नेता के बेटे होने के नाते मौलान अबुल कलाम आजाद ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पारंपरिक तरीके से की और सीधे अपने पिता की देखरेख में अपनी शिक्षा पूरी की।
अरबी और फारसी में दक्षता हासिल करने के बाद उन्होंने दर्शनशास्त्र, गणित और बीजगणित का अध्ययन किया। महज 16 वर्ष की उम्र में उन्होंने अध्ययन का पूरा पाठ्यक्रम पूरा कर लिया। इसके बाद वह दर्शनशास्त्र, गणित और तर्कशास्त्र के शिक्षक बन गए। बाद में उन्होंने अरबी और फारसी और इस्लामी धर्मशास्त्र में एक विद्वान के रूप में अपनी पहचान हासिल की।












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