Chandigarh Mayor Election: 29 जनवरी को होगा इलेक्शन, इस बार अलग तरीके से चुने जाएंगे चंडीगढ़ के मेयर
Chandigarh Mayor Election: चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर चुनाव 29 जनवरी को आयोजित किया जाएगा। पिछली बार चुनाव काफी विवादित रहा था और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था। इस बार विवादों को देखते हुए चुनाव के तरीके में भी बदलाव किया जा रहा है। मेयर के साथ ही डिप्टी मेयर का भी चुनाव होगा। चुनाव प्रक्रिया सुबह 11 बजे असेंबली हॉल में शुरू होगी। इस बार सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
खास बात यह है कि पहली बार मेयर चुनाव में हाथ उठाकर मतदान कराया जाएगा। अभी चंडीगढ़ की मेयर भाजपा की हरप्रीत कौर बबला हैं। पिछली बार चुनाव में बैलेट पेपर बदलने के आरोपों को लेकर काफी विवाद हुआ था।

Chandigarh Mayor Election: मेयर चुनाव के लिए तैयारी शुरू
- मेयर चुनाव की तारीख घोषित होते ही शहर की राजनीति गरमा गई है और सभी दलों ने अपनी रणनीति तेज कर दी है।
- यह चुनाव इसलिए भी अहम है क्योंकि यह नगर निगम के पांच वर्षीय कार्यकाल का अंतिम मेयर चुनाव होगा।
- नए मेयर का कार्यकाल एक साल से भी कम रहेगा, क्योंकि दिसंबर में नगर निगम के नए चुनाव प्रस्तावित हैं। उससे पहले नवंबर में आचार संहिता लागू हो जाएगी।
Chandigarh Mayor Election: क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए हाथ उठाना होगा
चंडीगढ़ नगर निगम की मौजूदा स्थिति की बात करें, तो अभी बीजेपी और कांग्रेस-आप गठबंधन दोनों के पास 18-18 पार्षदों का समर्थन है। क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए इस बार हाथ उठाकर चुनाव कराए जाएंगे। हालांकि, अगर फिर भी बराबर के मत रहे या क्रॉस वोटिंग की स्थिति बनती है, तो टॉस के जरिए मेयर का चयन होगा। मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार, चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के नाम एक-एक करके पुकारे जाएंगे। पार्षद अपने समर्थन के लिए स्पष्ट रूप से हाथ उठाकर मतदान करेंगे। मतों की गिनती मौखिक पुष्टि के जरिए भी होगी। पूरी प्रक्रिया कार्यवाही और मत रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।
आम आदमी पार्टी की दो महिला पार्षदों के भाजपा में शामिल होने के बाद कांग्रेस और आप ने अपने पार्षदों की सुरक्षा रणनीति और मजबूत कर ली है। वहीं भाजपा भी विपक्षी पार्षदों से लगातार संपर्क में है। ऐसे में चुनाव काफी दिलचस्प रहने वाला है।
चुनाव वाले दिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
चंडीगढ़ मेयर चुनाव के लिए इस बार भी डॉ. रमनीक बेदी को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है। चुनाव के दिन नगर निगम परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। परिसर में पार्षदों और अधिकृत अधिकारियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। पार्षदों के सुरक्षाकर्मियों को भी परिसर में आने की सूचना नहीं होगी। पूरी चुनावी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी और उसे एडिट नहीं किया जा सकता है। यह वीडियो कम से कम 90 दिनों तक सुरक्षित रखा जाना अनिवार्य है।












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