पंजाब: कैप्टन अमरिंदर सिंह चुनावी की रणनीति और पार्टी के लक्ष्य तैयार करने में जुटे, ये है मास्टर प्लान
पंजाब में अगले साल विधानसभा के चुनाव के मद्देनज़र जहां सभी सियासी पार्टियां तैयारियों में जुटी हुई हैं, वहीं अब पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री भी आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट चुके हैं।
चंडीगढ़, 18 नवम्बर, 2021। पंजाब में अगले साल विधानसभा के चुनाव के मद्देनज़र जहां सभी सियासी पार्टियां तैयारियों में जुटी हुई हैं, वहीं अब पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री भी आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट चुके हैं। सभी सियासी दल अपनी तरफ़ से किसानों को साधने की कोशिश में जुटी हुई है। वहीं पंजाब में सबसे बड़ा मुद्दा केंद्र सरकार की तरफ़ से लाए गए तीन कृषि कानूनों का है। कृषि कानूनों के खिलाफ पूरे देश के किसान लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह भी किसान आंदोलन को खत्म करवाने की पूरी कोशिश में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि 1 साल से ज्यादा वक्त हो चुका है, किसान इसका विरोध कर रहे हैं। अगर मसले का हल नहीं निकला तो पंजाब में किसान चुनाव प्रचार करने नहीं देंगे।

कैप्टन ने केंद्र सरकार से की अपील
पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि जल्द से जल्द किसान आंदोलन का हल निकाला जाना चाहिए ताकि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए गांव वाले राजनीतिक दलों को प्रचार करने की इजाज़त दे सकें। किसान परेशान है इसका हल भारत की सरकार को निकालना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर इसका हल निकाला नहीं गया तो पंजाब में अशांति बढ़ सकती औऱ कृषि आंदोलन के ज़रिए राष्ट्र विरोधी तत्वों को एक मंच मिल सकता है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि किसान आंदोलन का हल निकालने के उपर सरकार को ध्यान देना चाहिए। पंजाब शांत प्रदेश है। यहां कोई हिंसक तत्व नहीं है। अंदोलन के ज़रिए असमाजिक तत्व हिंसा बढाने की कोशिश करेंगे इसलिए आंदोलन के मुद्दे को ख़त्म करना होगा और पाकिस्तान से आ रहे ड्रोनों पर भी ध्यान रखना होगा।

चुनाव की तैयारियों में जुटे कैप्टन
कैप्टन ने कहा कि पंजाब में बीएसएफ के क्षेत्राधिकार को बढ़ाने को लेकर भले ही पंजाब सरकार केंद्र सरकार पर सवाल उठा रही है। लेकिन पंजाब में क्षेत्राधिकार को बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में एक ड्रोन पंजाब की सीमा क्षेत्र के 31 किलोमीटर अंदर तक घुस आया था जो कि बीएसएफ के क्षेत्राधिकार से भी बाहर था। कैप्टन अमरिंदर सिंह को अभी अपनी नई पार्टी के लिए कई बातें तय करनी हैं। अपनी पार्टी का एजेंडा और अपना लक्ष्य भी निर्धारित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि जहां तक गठबंधन की बात है समय आने पर इस संबंध में अंतिम फैसला लिया जाएगा। हालांकि पार्टी के सूत्रों की मानें तो किसान आंदोलन को लेकर भारतीय जनता पार्टी और अमरिंदर के विचार अलग-अलग है और इसे लेकर सहमति के कोई फॉर्मूले बनाने अभी बाकी है।
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किसानों को साधने की कोशिश
कृषि कानूनों को लेकर भारतीय जनता पार्टी इतनी आगे बढ़ चुकी है कि अब भारतीय जनता पार्टी का वापस लौटना आसान नहीं है। जबकि दूसरी तरफ कांग्रेस से अलग हटकर अपनी पार्टी बनाने वाले अमरिंदर सिंह राष्ट्रवादी छवि के साथ-साथ किसान हितैषी नेता का तमगा लेकर ही चुनाव मैदान में उतरना चाहते हैं। कैप्टन चाहते हैं कि किसान आंदोलन का हल निकाल कर चुनावी मैदान में वह उतरें, ताकि उन्हें और उनकी पार्टी को काफ़ी फायदा मिलेगा। और यही वो मुद्दा है जहां पेंच फंसा हुआ।
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