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पंजाब: करतारपुर बॉर्डर के बहाने भाजपा ने खेला मास्टर स्ट्रोक, एक तीर से साधे कई निशाने

करतारपुर बॉर्डर खुलने पर सभी सियासी पार्टियों में श्रेय लेने की होड़ मची हुई थी, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने करतारपुर बॉर्डर खोलने का श्रेय ख़ुद लेते हुए पंजाब की सियासी फिज़ा को ही बदल दिया है।

चंडीगढ़, 17 नवंबर 2021। पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, इसलिए पंजाब और आस पास के क्षेत्र में जो भी काम करवाए जा रहे हैं उसे राजनीतिक रूप दे दिया जा रहा है। करतारपुर बॉर्डर खुलने पर सभी सियासी पार्टियों में श्रेय लेने की होड़ मची हुई थी, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने करतारपुर बॉर्डर खोलने का श्रेय ख़ुद लेते हुए पंजाब की सियासी फिज़ा को ही बदल दिया है। भाजपा ने करतारपुर बॉर्डर खोलने का श्रेय लेते ही अन्य दलं की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।भाजपा ने आस्था का मुद्दा एक बार फिर से ऊपर रखते हुए करतारपुर बॉर्डर के बहाने सिखों की नाराजगी कम करने की कोशिश की है।

BJP का मास्टर स्ट्रोक

BJP का मास्टर स्ट्रोक

भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले करतारपुर कॉरिडोर को खोलकर मास्टर स्ट्रोक खेल दिया है। अभी तक हिंदू वोटरों पर दावा करने वाली पार्टी इस फैसले के जरिए 58 प्रतिशत सिख वोटरों में भी पैठ बनाने का प्रयास करेगी। इस बार भाजपा पंजाब चुनाव में पहली बार अकेले किस्मत आजमा रही है। पुराने सहयोगी अकाली दल भाजपा का साथ छोड़ चुका है। राज्य के भाजपा नेताओं के दो दिन के दिल्ली दौरे के बाद गुरुनानक देव जी के 552 वें प्रकाश पर्व के ठीक पहले करतारपुर गलियारे को बुधवार से खोलने का फैसला लिया गया। सियासी गलियारों में यह चर्चाएं तेज़ हैं कि भाजपा ने गुरू पर्व से ठीक पहले बॉर्डर खोल कर सिखों की नाराज़गी दूर की है। इसका फ़ायदा चुनाव में मिल सकता है।

सिखों के लिए सबसे पवित्र तीर्थ स्थान

सिखों के लिए सबसे पवित्र तीर्थ स्थान

भारतीय सीमा से चार किलोमीटर दूर पाक स्थित गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब सिखों के लिए सबसे पवित्र तीर्थ स्थान है। गुरुनानक देव जी ने अपने अंतिम समय में इसे करतारपुर में बसाया था। यहीं उन्होंने अंतिम सांस भी ली थी। कहा यह भी जाता है कि गुरुनानक देव जी ने अपने जीवन के 17 साल यहां गुजारे थे। बुधवार को करतारपुर साहिब कॉरिडोर के फिर से खुलने के बाद सिख श्रद्धालुओं का पहला जत्था पाकिस्तान के नरोवाल जिले के ऐतिहासिक गुरुद्वारा दरबार साहिब पहुंच गया है। 19 नवंबर को सिख धर्म के संस्थापक गुरुनानक देव की जयंती है। इस दिन प्रकाश प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है। यह कॉरिडोर पाकिस्तान में गुरुद्वारा दरबार साहिब, सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव के पवित्र स्थान को पंजाब के गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक मंदिर से जोड़ता है। यह कॉरिडोर 4.7 किमी लंबा है। बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के चलते इसे पिछले साल बंद कर दिया गया था।

20 महीने तक बंद रहने बाद खुला कॉरिडोर

20 महीने तक बंद रहने बाद खुला कॉरिडोर

पंच प्यारे समेत 50 सदस्यों वाला पहला जत्था सुबह 11 बजे पाकिस्तान पहुंच गया। कोविड महामारी के चलते 20 महीने तक बंद रहने के बाद इसे फिर से खोल दिया गया है। लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों ने डेरा बाबा नानक जत्थे का स्वागत किया। बुधवार को यात्रा करने के लिए 50 लोगों की मंजूरी दी गई है। जिसमें पंच प्यारे भी शामिल है। वहीं पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में एक अन्य जत्था गुरुवार को कॉरिडोर के जरिए करतारपुर पहुंचेंगा।


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