भारत के सबसे ऊंचे बांध का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचा, 1653 फीट से ज्यादा भरा, अब इस झील में छोड़ा जाएगा
बिलासपुर। सतलुज नदी पर स्थित भारत के सबसे ऊंचे बांध का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। अधिकारियों ने बताया कि, सतलुज नदी पर स्थित भाखड़ा-नांगल बाँध,जो कि भूकंपीय क्षेत्र में स्थित विश्व का सबसे ऊँचा गुरुत्वीय बाँध है...उसमें अथाह जल भर चुका है। पिछले साल की तुलना में इस बार 35.50 फीट ज्यादा पानी है। दवाब बढ़ने पर उससे हजारों क्यूसिक पानी छोड़ा जाएगा।

भूकंपीय क्षेत्र में स्थित सबसे ऊँचा गुरुत्वीय बाँध भरा
बांध-प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, भाखड़ा बांध के जल स्तर की क्षमता 1680 फुट तक है और मौजूदा जलस्तर उच्चतम से 26.48 फुट कम ही रह गया है। यदि पानी की आवक ऐसे ही जारी रही तो कुछ ही दिनों में यह जल स्तर खतरे के निशान 1680 फुट तक पहुंच सकता है। हिमाचल के ऊपरी क्षेत्रों में बारिश हो रही भारी है, और इस कारण इस वर्ष गोबिंद सागर झील में पानी की आवक अधिक हो रही है। हालांकि, कुछ जानकारों का कहना है कि, अगर भाखड़ा बांध में जल स्तर अधिक होता है तो यह पंजाब, हरियाणा समेत कई अन्य राज्यों के लिए लाभदायक होता है, क्योंकि इससे बिजली उत्पादन भी बढ़ेगा और सिंचाई के लिए भी लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

इस बांध का निर्माण 1962 में हुआ पूरा
इस बांध को पंजाब राज्य के होशियारपुर ज़िले में सतलुज नदी पर बनाया गया था। इस बाँध का निर्माण 1948 में शुरू हुआ और अमेरिकी बाँध निर्माता हार्वे स्लोकेम की अगुवाई में 1962 में इसका निर्माण पूरा हुआ। 22 अक्टूबर, 1963 को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने इसका शुभारम्भ किया था।

यहां है सबसे बड़ी मानव निर्मित झील
वर्तमान में भाखड़ा बांध की गोविंद सागर सबसे बड़ी मानव निर्मित झील मानी जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य सिंचाई और बिजली उत्पादन है। यहां जाने के लिए पहले नांगल पहुंचना होता है, वहां से बस के जरिए सीधे भाखड़ा बांध तक जाया जा सकता है। उसके बाद वहां से लौटने वाली बस 6.15 बजे तक मिल सकती है। आप चाहें तो एक कैब किराए पर ले सकते हैं जो आपको वहां ले जाएगी और आपकी समय की सुविधा के अनुसार वापस ले आएगी।












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