पंजाब : 45 साल का कांग्रेस ने तोड़ा था सियासी रिकॉर्ड, जानिए कैसा रहा है यहां का राजनीतिक समीकरण ?
पंजाब में चुनाव प्रचार थमने के बाद अब यहां की जनता को मतदान का इंतज़ार है। आपको बता दें कि रविवार 20 फरवरी को सुबह आठ बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा।
चंडीगढ़, 19 फरवरी 2022। पंजाब में चुनाव प्रचार थमने के बाद अब यहां की जनता को मतदान का इंतज़ार है। आपको बता दें कि रविवार 20 फरवरी को सुबह आठ बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। चुनाव के मद्देनज़र तरनतारन विधानसभा सीट भी अहम मानी जा रही है। आज हम आपको तरनतारन के सियासी इतिहास और समीकरण के बारे में बताने जा रहे हैं। यह विधानसभा सीट पंजाब के तरनतारन ज़िले में आती है और इसका सांसदीय क्षेत्र खडूर साहिब है। 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार डॉक्टर धर्मबीर अग्निहोत्री ने यहां से जीत दर्ज कर कांग्रेस का परचम लहराया था।

45 साल का टूटा सियासी रिकॉर्ड
तरनतारन के इतिहास की बात की जाए तो जानकार बताते हैं कि इस शहर को सिखों के पांचवें गुरु अर्जुन देव जी ने बसाया था। यहां एक अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की तरह बहुत बड़ा स्वर्ण मंदिर है उसे भी गुरु अर्जुन देव जी ने ही बनाया था। अमावस वाले दिन स्वर्ण मंदिर में लाखों श्रद्धालु नतमस्तक होते हैं। इसके साथ ही अगर सियासी इतिहास की बात की जाए तो यहां बड़ी तादाद में सिख समुदाय के लोग रहते हैं और वह शिरोमणि अकाली दल के समर्थक हैं। तरनतारन विधानसभा सीट से 45 साल बाद पहली बार कांग्रेस के उम्मीदवार डॉक्टर धर्मबीर अग्निहोत्री ने 2017 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी।

तरनतारन के मतदाताओं की क्या है मांग ?
तरनतारन के लोगों की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है और यही वजह है कि बेरोज़गार युवाओं को नशे की लत लग रही है। इंडस्ट्री के नाम पर यहां एक शुगर मिल थी जो कि बंद हो गई। इस मिल के ज़रिए क़रीब 15 सौ परिवारों का गुज़ारा होता था। स्थानीय लोग काफ़ी लंबे समय से इस क्षेत्र में इंडस्ट्री की मांग कर रहे हैं। विकास के नाम पर यहां सिर्फ़ कम्युनिटी सेंटर, आईटीआई कॉलेज, रेन बसेरा और चार पार्क बनवाए गए हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में यहां 72.75 फीसदी मतदान हुआ था। 2017 के रिकॉर्ड के मुताबिक यहां 1 लाख 81 हज़ार 901 मतदाताओं की तादाद है जिसमे 86 हज़ार 450 महिला मतदाता और 95 हज़ार 447 पुरुष मतदाताओं की तादाद थी। 2017 के चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार डॉक्टर धर्मबीर अग्निहोत्री ने 14 हज़ार 629 वोटों के उंतर से शिअद उम्मीदवार हरमित सिंह संधू को हराया था।

उम्मीदवारों के बीच कांटे की टक्कर
पंजाब के तरनतारन विधानसभा सीट पर इस बार के सियासी रण में कांग्रेस की टिकट पर डॉक्टर धर्मबीर अग्निहोत्री चुनावी मैदान में हैं। वहीं भाजपा गठबंधन की तरफ़ से नवरीत सिंह शफीपुरा भारतीय जनता पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। शिअद-बसपा गठबंधन की तरफ से शिरोमणि अकाली दल की टिकट पर हरमीत सिंह संधू उम्मीदवार बनाए गए हैं। इसके साथ ही आम आदमी पार्टी ने कश्मीर सिंह सोहल को तरनतारन विधानसभा सीट से उम्मीदवार घोषित किया है। सियासी जानकारों की मानें तो इस विधानसभा सीट पर इस बार कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है। क्योंकि पिछले विधानसभा के मुक़ाबले इस बार शिअद और भाजपा अलग-अलग चुनाव लड़ रही है। इसके साथ ही कांग्रेस ने 2017 के विधानसभा चुनाव में 45 सालों का रिकॉर्ड तोड़ कर इस सीट को अपने खाते में डाला था। पूरे सियासी पृष्ठभूमि को देखने के बाद यही लग रहा है कि यहां मुक़ाबला काफ़ी दिलचस्प होने वाला है।
ये भी पढ़ें: पंजाब: कौन हैं गुरिंदर सिंह जिसकी वजह से मुश्किलों में फंसे अरविंद केजरीवाल, जानिए पूरा मामला ?









Click it and Unblock the Notifications