पंजाब: कांग्रेस का BJP के ख़िलाफ़ एक और चुनावी दांव, बढ़ सकती है भाजपा की मुश्किलें, जानिए कैसे
सीएम चन्नी ने चुनावी दांव खेलते हुए भाजपा के सामने एक और चुनौती खड़ी कर दी है।
चंडीगढ़ 25 नवम्बर 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सीएम चन्नी लगातार जनता से किए वादे पूरे करने की कोशिश में लगे हुए हैं। वहीं अन्य राजनीतिक पार्टियां भी पंजाब के चुनावी रण में उतरने के लिए कमर कस चुकी है। सभी सियासी पार्टियां लोक लुभावने वादे कर जनता को लुङाने की कोशिश कर रही है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी किसान आंदोलन की वजह से पंजाब में चुनाव प्रचार प्रसार करने में नाकाम साबित हो रही थी लेकिन हाल ही में पीएम मोदी ने मास्टर स्ट्रोक खेलते हुए, कृषि कानून वापस लेने का ऐलान कर दिया जिसके बाद से पंजाब के राजनीतिक समीकरण बदले हुए नज़र आ रहे हैं। वहीं सीएम चन्नी ने चुनावी दांव खेलते हुए भाजपा के सामने एक और चुनौती खड़ी कर दी है।

CM चन्नी ने की सिफ़ारिश
पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिख कर कोविड-19 से मरने वालों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए देने के लिए सिफ़ारिश की है। सीएम चन्नी ने कहा है कि 50 हजार रुपए का मुआवज़ा कोविड-19 से मरने वाले व्यक्ति के परिजनों के लिए काफ़ी नहीं है। इसके साथ ही सीएम चन्नी ने कहा कि मुआवज़े की राशि में 25 फ़ीसदी योगदान पंजाब सरकार भी देने के लिए राज़ी है। उन्होंने चिटठी में तर्क देते हुए कहा कि कोविड महामारी की वजह से देश की ज़्यादातर आबादी को बुरी तरह प्रभावित हुई है। लोगों के व्यवसाय बंद हो गए वह पलायन करने के लिए मजबूर हो गए। कई परिवारों ने अपने कमाने वाले सदस्यों की असमय मृत्यु देखी, तो कई परिवारों को निजी अस्पतालों में महंगे इलाज ने सड़कों पर लाकर छोड़ दिया। इस तरह के मुशक्ल वक़्त में मृतक के परिजनों के 50 हज़ार रुपए का मुआवजा काफ़ी नहीं है।

1 लाख मुआवजा देने के लिए तैयार
सीएम चन्नी ने ने पत्र में लिखा कि एक कल्याणकारी राज्य होने के नाते यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम संकटग्रस्त नागरिकों की मदद करें। उन्होंने कहा कि राज्य आपदा राहत कोष के तहत मुआवज़ा राशि की 75 फीसदी राशि यानी तीन लाख रुपए केंद्र सरकार दे। 25 फीसदी राशि यानी 1 लाख रुपये का भुगतान राज्य सरकार करने के लिए तैयार है। सीएम चन्नी ने मांग करते हुए कहा कि केंद्र सरकार, गृह मंत्रालय 14 मार्च, 2020 को जारी अपने पहले के आदेश को लागू करे। जिसमें केंद्र सरकार ने कोरोना की वजह से किसी व्यक्ति की मौत पर मृतक के परिजनों को चार लाख रुपए की अनुग्रह राशि की प्रतिबद्धता जताई गई थी। उन्होंन कहा कि केंद्र सरकार ने इस अधिसूचना में संशोधन कर अनुग्रह राशि को घटाकर 50 हज़ार रुपए कर दिया है।

केंद्र सरकार पर कांग्रेस बनाएगी दबाव
ग़ौरतलब है कि इससे पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी सवाल उठाते हुए कहा था कि केंद्र सरकार को कोरोना की वजह से जान गंवाने वाले लोगों के सही आंकड़े बताने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को हर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा देना चाहिए। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि प्रभावित परिवारों को चार लाख रुपये का मुआवजा दिलाने के लिए उनकी पार्टी सरकार पर दबाव बनाएगी। वहीं राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने भी प्रधानमंत्री मोदी को इसी तरह चिट्ठी लिख कर मांग की है कि कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से जान गंवाने वालों के परिजनों को 50 हज़ार रुपए के बजाय चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जानी चाहिए। वहीं अशोक गहलोत ने कहा कि देश में कोरोना वायरस की वजह से कितनी मौतें हुई हैं, इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए। कृषि कानून रद्द करने के फ़ैसले से भारतीय जनता पार्टी ने डैमेज कंट्रोल तो कर लिया है, लेकिन जिस तरह से कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ़ मोर्चा खोला है इससे कही न कही भाजपा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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