मॉर्निंग वॉक पर निकले बुजुर्ग को कार से रौंद भागा था इंजीनियर, पुलिस के हाथ ऐसे लगा सुराग
पुणे। घर से अपने कुत्ते के साथ मॉर्निंग वॉक को निकले एक बुजुर्ग को सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार ने टक्कर मारी और फिर रफ्फूचक्कर हो गई। हादसे में गंभीर घायल हुए बुजुर्ग को हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। वहीं, आरापी इंजीनियर की तलाश में जुटी पुलिस को सफलता हाथ लगी है। महाराष्ट्र में यह इंजीनियर कार के नंबर प्लेट की वजह से दबोच लिया गया है।

बता दें कि, बीते 16 दिसंबर की सुबह साढ़े छह बजे के करीब पुणे सिटी में झगडे पार्क के सामने सड़क पर बुजुर्ग को कार ने टक्कर मारी थी। इस घटना में बुजुर्ग गोविंद कुंडलिक जाधव (60) गंभीर घायल हुए थे। जाधव का पालतू कुत्ता भी जख्मी हो गया था। जिस कार ने टक्कर मारी, उसका नंबर (एमएच 4 एफएफ 2677) नोट किया गया था। बुजुर्ग और कुत्ते को इलाज के लिए भी ले जाया गया था, मगर बुजुर्ग बच नहीं सका।
जिसके बाद पुलिस ने कार के नंबर प्लेट के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। एक जगह पुलिस को अंतत: उस आरोपी सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार मुंढवा में दिखी। मौके पर ही मुंढवा पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। उसकी पहचान विशाल विजय पवार (35, मगरपट्टा) के रूप में हुई है।
ऐसे आरोपी तक पहुंची पुलिस
बताया जा रहा है कि मुंढवा पुलिस थाने के पुलिस उपनिरीक्षक अमित वालके ने घटनास्थल में जाकर मुआयना किया था, वहां कार का नंबर प्लेट मिला था। नंबर प्लेट का नंबर वाहन एप्लीकेशन में डालकर ड्राइवर की खोज की गई। इस दौरान टाटा कंपनी के सफारी कार में विशाल पवार के नाम पर होने की जानकारी वालके को मिली थी। वालके ने पवार के डोंबिवली, मुंबई के पत्ते पर पूछताछ की तो पता चला वह वहां नहीं रहते।
पुलिस ने पवार के मोबाइल नंबर की खोज कर तकनीकी जानकारी के आधार पर मगरपट्टा पत्ते में रखने की जानकारी खोज निकाली पवार मगरपट्टा स्थित एक कंपनी में नौकरी करता है। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और आरोपी ने अपना अपराध कबूल किया।
यह है तलाश करने वाली टीम
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनिल पात्रुडकर, पुलिस निरीक्षक (क्राइम) महेंद्र जगताप के मार्गदर्शन में मार्गदर्शनाखाली पुलिस उप निरीक्षक अमित वालके, पुलिस नाईक निलेश गायकवाड, पुलिस सिपाही शाम शिंदे एवं गणेश भापकर ने की।












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