Sikkim Accident: हनीमून पर गए प्रतापगढ़ के कौशलेंद्र-अंकिता हादसे के बाद से लापता, मायूस लौटे परिजन
Sikkim honeymoon accident: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद का नव विवाहित जोड़ा हनीमून मनाने के लिए सिक्किम में गया हुआ था। सिक्किम में पहुंचने के बाद जोड़ा लापता है और घर वाले काफी परेशान हैं। काफी खोजबीन के बाद भी कोई सफलता नहीं मिली है।
दरअसल, प्रतापगढ़ के कौशलेंद्र प्रताप सिंह और पत्नी अंकिता सिंह 25 मई को हनीमून के लिए सिक्किम रवाना हुए थे। बताया जा रहा है कि 29 मई को लौटते समय उनकी गाड़ी एक गहरी खाई में गिरकर तीस्ता नदी में समा गई।

गाड़ी में कुल 11 लोग सवार थे। दो को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि एक की मौत हो गई। शेष आठ लोगों की तलाश अभी भी जारी है। इनमें प्रतापगढ़ का यह नवविवाहित जोड़ा भी शामिल है, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिला।
हादसे के बाद परिजन पहुंचे थे सिक्किम
लापता बेटे-बहू की सूचना मिलते ही कौशलेंद्र के पिता शेर बहादुर सिंह, बहू के भाई और अन्य रिश्तेदार सिक्किम पहुंचे। वहां उन्होंने राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया। खोजने का काफी प्रयास किया गया लेकिन दोनों के बारे में जानकारी नहीं मिली।
शेर बहादुर सिंह ने सिक्किम के डीजीपी, राज्यपाल और मंगन जिले के एसपी से भी संपर्क किया। सेना, NDRF और SDRF की टीमें सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, लेकिन खराब मौसम के चलते मिशन सफल नहीं हो पा रहा है और गायब हुए लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही।
इधर वापस लौटे राघवेंद्र सिंह परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद राहत कार्य अधूरा छोड़ा गया। पहले दिन CRPF की टीम मौके से लौट गई और अगले दिन गाड़ी तक गायब हो गई। परिजनों ने इस रवैये पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
परिजनों द्वारा आरोप लगाते हुए सिक्किम सरकार को भी कठघरे में खड़ा किया है। परिजनों का कहना है कि रेड अलर्ट और मौसम खराब होने की जानकारी के बाद भी पर्यटकों को यात्रा की अनुमति दी गई, यदि अनुमति न दी गई होती तो यह हादसा नहीं हुआ होता।
पार्टी से जुड़े होने के बाद भी नहीं मिल रही मदद
इस बारे में मीडिया से बात करते हुए कौशलेंद्र के दादा और भाजपा नेता डॉ. उम्मेद सिंह ने बताया कि सरकार से अब तक कोई मदद नहीं मिली है। उन्होंने कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी से संपर्क किया, जिन्होंने राज्यपाल से बात कर मदद की अपील की।
कौशलेंद्र के घर वालों द्वारा बताया गया कि प्रशासन ने पुष्टि की है कि यह हादसा मंगन जिले में हुआ। 11 यात्रियों को लेकर जा रही गाड़ी तीस्ता नदी में समा गई थी। दो घायल बचे हैं, एक की मौत हुई है और आठ लापता हैं।
SDRF और NDRF की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। कपड़े, बैग और अन्य सामान बरामद हो चुका है, लेकिन कौशलेंद्र और अंकिता का कुछ भी हाथ नहीं लगा है। ऐसे में वह जिंदा है या फिर उनके साथ भी कोई अनहोनी हो गई है यह कह पाना मुश्किल है।












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