मालिक के बच्चों को बचाने के लिए मैगी' ने दे दी अपने बच्चों की जान, सांप से भिड़ गई पालतू फीमेल डॉग
'इंसान का सबसे वफादार दोस्त उसका पालतू कुत्ता होता है', इस कथन को आपने अवश्य ही कहीं न कहीं सुना या पढ़ा होगा। लेकिन उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में 'मैगी' नाम की फीमेल डॉग ने इस कथन को चरित्रार्थ कर दिखाया है। मैगी ने अपनी जान देकर अपने मालिक के बेटों की जान बचा ली। वहीं मैगी की मौत पर पूरा परिवार फफक-फफक कर रोया और उसे अंतिम विदाई दी।
मालिक के बेटों को बचाने के लिए कोबरा से भिड़ गई मैगी
दरअसल, पूरा मामला प्रतापगढ़ के अंतू थाना क्षेत्र अंतर्गत पूरे अंती गांव का है। यहां के रहने वाले अनूप पांडे के पास एक सफ़ेद रंग की बेहद ही खूबसूरत फीमेल डॉग थी। उन्होने उसका नाम 'मैगी' रखा था। जानकारी अनुसार बीती रात करीब 2 बजे अनूप के दोनों बेटे बेड पर सो रहे थे। वहीं नीचे मैगी भी सो रही थी। इसी दौरान वहां एक खतरनाक जहरीला कोबरा सांप कहीं से घुस आया और बेड पर चढ़ने की कोशिश करने लगा।

सांप पर झपट पड़ी मैगी
सांप बेड पर चढ़ने की कोशिश कर ही रहा था कि नीचे सो रही मैगी की आँख खुली और उसकी नजर सांप पर पड़ गई। मैगी खतरे को भांप गई और फौरन ही सांप पर झपट पड़ी। इस दौरान सांप ने मैगी को तो काट लिया लेकिन बेड पर सो रहे अनूप के दोनों बेटे उठ गए। वो सुरक्षित थे। उन्होंने फौरन भागकर अनूप को उठाया। अनूप जब वहां पहुंचे तो सांप वहीं फैन फैलाए बैठा हुआ था।

मुँह से आए झाग और हो गई मौत, पेट में थे बच्चे
अनूप बताते हैं कि उन्होंने यह सोंच कर सांप को जाने दिया कि इसने उनका कुछ नहीं बिगाड़ा है। लेकिन कुछ ही देर बाद मैगी के मुँह से झाग आने लगे। इससे पहले की अनूप कुछ कर पाते, उनकी वफादार फीमेल डॉग मैगी ने दम तोड़ दिया। अनूप ने बताया कि मैगी गर्वभती थी, उसके पेट में बच्चे थे। मैगी की मौत पर पूरा परिवार बुरी तरह रोया और फिर उसका अंतिम संस्कार किया। अनूप का कहना है कि 20 दिन की उम्र में वो मैगी को लाए थे और आज पूरे परिवार पर आए संकट को अपने ऊपर लेकर मैगी हमें छोड़कर चली गई।












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