रिपोर्टः पेट्रोल की कीमतें बढ़ने से दो साल में दोगुनी हुई केंद्र की कमाई
नई दिल्लीः देश में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से सरकार विपक्ष के निशाने पर है। बढ़ते दामों पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सामने आए और कहा कि पेट्रोल की कीमत बढ़ने का कारण राज्य सरकारें भी हैं, वो भी पेट्रोलियम उत्पादों पर टैक्स लगा रही हैं। लेकिन तथ्यों कुछ और ही कह रहे हैं। द हिंदू में छपी खबर के मुताबिक अगर पेट्रोल पर लगे टैक्स से कमाई की बात की जाए तो इससे केंद्र सरकार के राजस्व में ज्यादा पैसा जा रहा है न कि राज्य सरकारों के खजाने में।

पेट्रोल से केंद्र को साल 2014-15 में ₹ 1,72,066 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी, जो साल 2016-17 में बढ़कर 3,34,534 करोड़ रुपये हो गई है। अगर राज्य सरकार की कमाई की बात की जाए तो उन्हें साल 2014-15 में 1,60,554 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी जो साल 2016-17 में 1,8 9 770 करोड़ रुपये ही हो पाई है।
मोदी के मंत्री पेट्रोल के बारे में कुछ भी कहे लेकिन सच्चाई छुपाई नहीं जा सकती। साल 2012-13 में कच्चे तेल की कीमत 123.61 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई थी, उस समय देश में पेट्रोल 68 और डीजल 40 रुपये था।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के तहत लाए जाने की बात भी कही। अगर ऐसा होता है तो ये एक स्वागत योग्य कदम होना, क्योंकि ऐसा होने के बाद अधिकतम दर स्लैब 28% होगा। जैसा कि इस समय केंद्र सरकार 100% से अधिक कर लगा रही है। जीएसटी आने के बाद ऐसा नहीं होगा। साथ ही कीमतों में भी गिरावट आएगी।












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