कौन बनेगा उपमुख्यमंत्री: विधायक दल की बैठक के बाद भी सुशील मोदी के नाम पर फंसा पेंच
पटना। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में नीतीश कुमार को एक बार फिर से विधायक दल का नेता चुना गया है। नीतीश कुमार सातवीं बार मुख्यमंत्री बनेंगे। उधर, उपमुख्यमंत्री के नाम पर पेंच फंस गया है। सुशील कुमार मोदी का उपमुख्यमंत्री बनना अभी तय नहीं है। सूत्रों की मानें तो बिहार भाजपा के कई दिग्गज भी सुशील मोदी को फिर से डिप्टी सीएम के तौर पर नहीं देखना चाहते हैं। पार्टी के कई विधायक भी सुशील मोदी के खिलाफ हैं। केंद्रीय टीम पर दबाव बनाया जा रहा है कि सुशील मोदी को फिर से डिप्टी सीएम नहीं बनाया जाए। चर्चा है कि भाजपा सुशील मोदी को दिवंगत रामविलास पासवान की जगह राज्यसभा भेजकर केंद्र में मंत्री बनाने जा रही है।

बिहार में विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि इस बार उपमुख्यमंत्री के पद पर सुशील कुमार मोदी की जगह दूसरा नाम होगा। इस रेस में सबसे आगे दलित नेता कामेश्वर चौपाल का नाम था। रविवार को एनडीए की बैठक पटना स्थित नीतीश कुमार के आवास पर हुई। बैठक में सभी दलों के नेताओं ने नीतीश कुमार को एनडीएम विधायक दल का निर्विरोध नेता चुना। निर्विरोध नेता चुनने का बाद एनडीए के नेता राजभवन की ओर रवाना हो गए, जहां वे नई सरकार के गठन के लिए दावा करेंगे। राज्यपाल फागू चौहान नीतीश को नई सरकार बनाने का न्योता दे सकते हैं। इसके बाद एक दो दिन में शपथग्रहण हो सकता है।
उपमुख्यमंत्री के नाम पर फंसा पेंच
बिहार में उपमुख्यमंत्री के नाम पर पेंच फंसता नजर आ रहा है। हालांकि, इससे पहले खबर आई थी कि सुशील मोदी एक बार फिर से बिहार के डिप्टी सीएम बनने वाले हैं, लेकिन राज्यपाल फागू चौहान से मुलाकात के बाद नीतीश कुमार से जब मीडिया ने डिप्टी सीएम को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी थोड़ी देर बाद होगी।सूत्रों का कहना है कि सुशील मोदी को फिर से डिप्टी सीएम के तौर पर बिहार भाजपा के कई दिग्गज नेता नहीं देखना चाहते हैं। पार्टी के कई विधायक भी सुशील मोदी के खिलाफ हैं। केंद्रीय टीम पर दबाव बनाया जा रहा है कि सुशील मोदी को फिर से डिप्टी सीएम नहीं बनाया जाए।












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