बिहार चुनाव: हाजीपुर से भाजपा डबल हैट्रिक की तैयारी में
पटना (मुकुन्द सिहं)। दक्षिण में मां गंगा और पश्चिम मे नारायणी को स्पर्श करती हाजीपुर नगरी हर और हरि की धरती रही है। भक्त की पुकार पर यहां स्वंय हरि और हर विरजमान हुए थे। सूबे की राजधानी पटना से सटा यह इलाका राजनीति रूप से काफी परिपक रहा है। और इस चुनाव में भाजपा यहां से डबल हैट्रिक मारने की तैयारी में है।
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हाजीपुर के इतिहास पर नजर डालें तो राष्ट्रपिता गांधी यहीं से चंपारण के लिए रवाना हुए थे। हाजीपुर वैशाली जिला कि मुख्यालय है। यह विधानसभा क्षेत्र बगल के सारणके सोनपुर के आलावा लालगंज, राघोपुर एवं राजापाकर की सिमा से सटी है। इस विधानसभा क्षेत्र के राजनीति क इतिहास पर नजर डाले तो 45वर्षो बाद बीते वर्ष हुए उप चुनाव मे यहां से गैर यदुवंशी विधायक हुए। 1969 में मोती लाल सिन्हा ने इस सिट पर यदुवंशी झंडा गाड़ा था।
हाल की राजनीति
बीते वर्ष लोकसभा चुनाव मे हाजीपुर के विधायक नित्यानंद राय के उजियारपुर से सांसद बनने के बाद खाली हुई सीट पर पहली बार गैर यदुवंशी अवधेश सिहं चुनाव जिते हलाकि जहा तक अवधेश सिहं कीजीत का सवाल है तो लोग नित्यानंद की ही जीत मानते है। क्योंकि लगातार हाजीपुर के चुनाव मे वो जीतते आ रहे थे। यह जीत तब हुई थी जब लालू नीतीश और कांग्रेस ने मिल कर मोर्चा बंदी की थी।
2000 से लेकर 2010 तक इस सीट पर भाजपा का कब्जा रहा है वही इस बार भी भाजपा डबल हैट्रिक की तैयारी मे है। वही 1980 से 1990 तक विधायक रहे जगन्नाथ राय तीसरी बार यहा से किस्मत आजमा रहे है।













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