बिहार के PhD धारक विधायक जी, जो क्राइम में सबसे आगे
पटना। बिहार में विधानसभा चुनाव का हल्ला हर गली-नुक्कड़ पर सुनाई दे रहा है, लेकिन जनता दल (यूनाइटेड) के एक विधायक ऐसे हैं, जिनके घर पर सन्नाटा पसरा हुआ है। विधायक जिनके पास पढ़ाई के नाम पर पीएचडी की डिग्री है और क्राइम रिकॉर्ड के नाम पर 23 आपराधिक मामले।
बिहार चुनाव: BJP-160, LJP-40, HAM-20 और RLSP 23 सीटों पर लड़ेगी चुनाव
जी हां हम बात कर रहे हैं तरारी (भोजपुर) के विधायक डा. नरेंद्र कुमार पांडे उर्फ सुनील पांडेय की, जिन्हें इस बार नीतीश कुमार ने टिकट नहीं दिया। टिकट नहीं मिलने का कारण उनके ऊपर क्रिमिनल केस नहीं है, बल्कि असली कारण तो यह है कि सुनील पांडे इस वक्त जेल में हैं।
जी हां जदयू के टिकट पर 2010 में जीतने वाले सुनील कुमार पर 23 मुकदमें चल रहे हैं। चार मामले हत्या के प्रयास के हैं। इसके अलावा डकैती, अपहरण, लूट-पाट, आदि के मामले भी इनके ऊपर दर्ज हैं। मजेदार बात यह है कि सबसे ज्यादा पढ़े लिखे विधायकों में शुमार नरेंद्र कुमार ने वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा, भोजपुर से पीएचडी कर चुके हैं।
इस बार नहीं लड़ेंगे चुनाव
नरेंद्र कुमार के करीबी सूत्र ने वनइंडिया से बातचीत में बताया कि चूंकि वे जेल में हैं इसलिये इस बार उन्हें जदयू का टिकट नहीं दिया गया। रही बात निर्दलीय लड़ने की, तो उसकी सभावना भी न के समान ही है।
सात विधायक जिन पर लगे हैं सबसे ज्यादा क्रिमिनल केस-
- भोजपुर से जदयू के डा. नरेंद्र कुमार पांडे पर 23 मामले
- एकमा से जदयू के मनोरंजन सिंह पर 18 मामले
- मटियानी से जदयू के नरेंद्र कुमार सिंह पर 13 मामले
- अररिया से लोजपा के जाहिर हुसैन खान पर 10 मामले
- बिहारशरीफ से जदयू के सुनील कुमार पर 9 मामले।
- बिभुतिपुर से जदयू के राम बालक सिंह पर 8 मामले।
- मधुबन से जदयू के शिवजी राय पर 8 मामले।













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