बिहारः पिछले 24 घंटे में मिले 14 हजार से अधिक कोरोना संक्रमित, 61 मरीजों की मौत
पटना। बिहार में कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ती जा रही है, जिसके चलते प्रदेश में संक्रमितों की संख्या के साथ-साथ मृतकों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हो रही है। बीते बुधवार को बिहार में कोरोना संक्रमण के 14 हजार 826 नए मामले सामने आए हैं। इस दौरान 95 हजार 248 लोगों की जांच की गई थी। इसके अलावा पिछले 24 घंटे में 61 कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है। बुधवार को सबसे अधिक कोरोना के मामले प्रदेश की राजधानी पटना में सबसे अधिक 2420 नए मामले आए हैं।

नए कोरोना संक्रमितों के मिलने के बाद प्रदेश में सक्रमित मरीजों की संख्या 1 लाख 13 हजार 479 हो गई है। वहीं प्रदेश के लगभग एक दर्जन जिलों में संक्रमण की रफ्तार कम नहीं हो रही है। बिहार में बुधवार को हुई 61 मौत के बाद अब तक प्रदेश में कोरोना से मरने वालों की संख्या 2987 पहुंच गई है। प्रदेश में अब तक कुल 5 लाख 38 हजार 677 लोग संक्रमित हुए हैं और कोरोना को मात देने वालों की संख्या 4 लाख 22 हजार 210 हो गई है। प्रदेश में सक्रिय माममलों की संख्या 1 लाख 13 हजार 479 हो गई है।
बुधवार को प्रदेश में 14 हजार 836 नए मामले आए हैं इसमें पटना के 2420 संक्रिमत शामिल हैं। इसके अलावा वैशाली में 857, पश्विमी चंपारण में 655, सुपौल में 362, सीवान में 219, सीतामढ़ी में 204, शिवहर में 114, शेखपुरा में 631, सारण में 528, समस्तीपुर में 635, सहरसा में 359, रोहतास में 174, पूर्णिया में 333, नवादा में 129, नालंदा में 671 नए सक्रमित मिले।
वहीं मुजफ्फरपुर में 574, मुंगेर में 380, मधुबनी में 385, मधेपुरा में 247, किशनगंज में 221, खगड़िया में 273, कटिहार में 570, कैमूर में 124, जहानाबाद में 105, जमुई में 281, गोपालगंज में 305, गया में 587, पूर्वी चंपारण में 224, दरभंगा में 164, भोजपुर में 109, भागलपुर में 373, बेगूसराय में 477, बांका में 122, औरंगाबाद में 444, अरवल में 143 और अररिया में 184 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बिहार के अलग-अलग जिलों में बुधवार को बाहर से आने वाले 86 लोगों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है।
हाईकोर्ट की फटकार के बाद एक्शन में CM
वहीं पटना हाईकोर्ट की फटकार के बाद CM नीतीश कुमार ने ऑक्सीजन की उपलब्धता और आपूर्ति को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा मीटिंग की। मीटिंग में CM ने कहा कि कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए ऑक्सीजन की जरूरतों का आकलन करें। ऑक्सीजन जेनेरेशन कैपिसिटी को बढ़ाने के लिए तेजी से काम करें। ऑक्सीजन जेनेरेशन के लिए रिफिलिंग प्लांट, बॉटलिंग प्लांट, टैंकर आदि की व्यवस्था के लिए जरूरी कदम उठाएं। इसके लिए सरकार राशि उपलब्ध कराएगी।












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