खुले में शौच मानवता के लिए शर्मनाक : नीतीश

उन्होंने लिखा, "मुख्यमंत्री के पद की शपथ लेने के बाद से ही वह लोगों को गरिमामय जीवन देने के लिए संकल्पित हैं। यह परियोजना प्रख्यात समाजवादी राममनोहर लोहिया की राय से प्रेरित है। उनके नाम से ही राज्य में लोहिया स्वच्छता योजना चलाई गई है।" इस योजना का लक्ष्य वर्ष 2015 तक बिहार में शौचालयविहीन घरों तक इसकी सुविधा देना है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 1.11 करोड़ ग्रामीण परिवारों में शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा है। राज्य में 2.19 करोड़ परिवार शौचालय विहीन हैं।
मुख्यमंत्री ने ब्लॉग में लिखा है कि शौचालय के प्रति लोगों में जागरूकता लाने और प्रोत्साहन के लिए पहले ही घोषणा की जा चुकी है कि जिस ग्राम पंचायत में सभी घरों में शौचालय का निर्माण होगा उस ग्राम पंचायत को 'निर्मल ग्राम पंचायत' का पुरस्कार दिया जाएगा जिसके तहत पांच लाख रुपये की नकद राशि भी दी जाएगी।
इसी तरह प्रखंड के सभी पंचायतों में शत-प्रतिशत शौचालय निर्माण होने पर उसे निर्मल प्रखंड के पुरस्कार के रूप में 25 लाख रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार का कर्तव्य है।












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