अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारी पहुंचे पाकिस्तान, क्या अमेरिका देगा अल्टीमेटम?
अमेरिकी विदेश विभाग के उच्च अधिकारी एलिस जे वेल्स बुधवार को पाकिस्तान पहुंची हैं। वह यहां पर सरकार के सीनियर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगी और उन मुद्दों पर चर्चा करेंगी जो दोनों देशों के लिए चिंता का विषय है। व्हाइट हाउस की ओर से जारी प्रेस रिलीज में इस बात की जानकारी दी गई है।
वॉशिंगटन। अमेरिकी विदेश विभाग के उच्च अधिकारी एलिस जे वेल्स बुधवार को पाकिस्तान पहुंची हैं। वह यहां पर सरकार के सीनियर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगी और उन मुद्दों पर चर्चा करेंगी जो दोनों देशों के लिए चिंता का विषय है। व्हाइट हाउस की ओर से जारी प्रेस रिलीज में इस बात की जानकारी दी गई है। आपको बता दें कि अमेरिका इन दिनों पाकिस्तान पर काफी सख्त रुख अपनाए हुए है। पिछले दिनों खबर आई थी कि आतंकियों के खिलाफ पाकिस्तान के लचर रवैये को देखकर किसी बड़ी कार्रवाई पर भी विचार हो रहा है। हो सकता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सरकार के कुछ अधिकारियों को भी बैन कर दें।

आतंकवाद पर होगी चर्चा
वेल्स अमेरिकी विदेश विभाग में साउथ और सेंट्रल एशिया से जुड़े मामलों के ब्यूरो की मुखिया हैं। यह ब्यूरो अमेरिकी विदेश नीति के साथ साउथ एशियन देशों के साथ संबंधों से जुड़े मसलों पर नजर रखता है। वेल्स, पाकिस्तान में दूतावास के स्टाफ से मुलाकात करने के अलावा पाक सरकार के कई अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगी। इसके अलावा कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के नेताओं और निजी क्षेत्रों से जुड़े कई सदस्यों से भी मिलेंगी। वेल्स यहां अमेरिका की साउथ एशिया नीति पर चर्चा करेंगे और साथ ही वर्तमान समय में पाक में मौजूद आतंकियों को खत्म करने के लिए देश की वचनबद्धता पर भी बातचीत करेंगी। इसके अलावा वह दोनों देशों के बीच मौजूद समान साझा हितों के बारे में भी बात होगी। वेल्स, इस्लामाबाद के बाद कराची भी जाएंगी और यहां पर सरकारी अधिकारियों से मिलेंगी।
पाक पर सख्त ट्रंप
वेल्स की यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और पाकिस्तान के संबंध तनावपूर्ण हो चुके हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को दी जाने वाली दो बिलियन डॉलर की मदद बंद कर दी है। मदद बंद करने से पहले ट्रंप ने ट्वीट किया था कि अमेरिका पिछले 15 वर्षों से मूर्खतापूर्ण तरीके से 33 बिलियन डॉलर की मदद जारी रखे है। दोनों देशों के बीच कई तरह के आरोप-प्रत्यारोपों ने संबंध और खराब कर दिए हैं। अमेरिका का मानना है कि पाकिस्तान अपनी सरजमीं पर आतंकियों की गतिविधियों को रोकने में असफल रहा है। इसकी वजह से ट्रंप प्रशासन ने पेरिस स्थित फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की लिस्ट में डाल दिया है। यह उन देशों पर नजर रखता है जो आतंकियों की फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराधों पर नजर रखती है।












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