चरमपंथ को भारत से बड़ा खतरा बताने वाले बाजवा अब पाक आर्मी चीफ
कभी पाकिस्तान में मौजूद चरमपंथ को भारत से भी बड़ा खतरा करार देने वाले लेफ्टिनेंट जनरल कमर जावेद बाजवा अब होंगे पाकिस्तान सेना का अगले कमांडर।
इस्लामाबाद। आखिरकार सस्पेंस खत्म हो ही गया और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अपने कार्यकाल में एक और सेना प्रमुख की नियुक्ति कर डाली। लेफ्टिनेंट जनरल कमर जावेद बाजवा पाकिस्तान सेना के अगले मुखिया होंगे।

बलूच यूनिट के हैं बाजवा
बलूचिस्तान यूनिट के बाजवा छठवें ऐसे सेना प्रमुख हैं जिनके नाम का ऐलान पीएम नवाज शरीफ ने किया है। लेफ्टिनेंट जनरल बाजवा जनरल राहील शरीफ के करीबी हैं।
हालांकि उनके नाम का ऐलान काफी चौंकाने वाला है क्योंकि किसी को भी उम्मीद नहीं थी वह पाक आर्मी के अगले सेना प्रमुख हो सकते हैं।
एक नजर डालिए कि आखिर बाजवा कौन हैं साथ ही कश्मीर और बलूचिस्तान से उनका क्या नाता है।
रावलपिंडी में रही तैनाती
- लेफ्टिनेंट जनरल बाजवा रावलपिंडी स्थित आर्मी हेडक्वार्टर की ट्रेनिंग विंग में इंस्पेक्टर जनरल के तौर पर तैनात रहे हैं।
- यह वही पद है जिसकी जिम्मेदारी जनरल राहील शरीफ पर सेना प्रमुख बनने से पहले थी।
- लेफ्टिनेंट जनरल बाजवा चरमपंथ को भारत से भी बड़ा खतरा करार दे चुके हैं।
- बाजवा पाक आर्मी के तीसरे ऐसे मुखिया हैं जो बलूच रेजीमेंट की इंफ्रेंट्री रेजीमेंट से ताल्लुक रखते हैं।
- उनसे पहले जनरल याहिया खान, जनरल असलम बेग और जनरल परवेज कियानी भी बलूच रेजीमेंट के थे।
- बाजवा के पास कश्मीर और पाकिस्तान के उत्तरी हिस्सों से जुड़े मसलों का अच्छा खासा अनुभव है।
- पाकिस्तान के न्यूजपेपर द डॉन की ओर से दावा किया गया था कि बाजवा भारत से भी बड़ा खतरा हैं1
- बाजवा कांगो में यून पीस कीपिंग मिशन में बतौर ब्रिगेड कमांडर तैनात रहे।
- जिस समय बाजवा तैनात थे उसी समय इंडियन आर्मी के पूर्व मुखिया जनरल (बिक्रम सिंह) भी वहां डिवीजन कमांडर के तौर पर थे।
- बाजवा पाकिस्तान आर्मी की सिंध रेजीमेंट में वर्ष 1982 में कमीशंड हुए थे।
- उन्होंने पाकिस्तान मिलिट्री एकेडमी के 62वें कोर्स को अटेंड किया था।
- बाजवा गिलगिल बाल्टीस्तान में बतौर मेजर जनरल फोर्स कमांडर के तौर पर भी तैनात रहे हैं।












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