अब चीन और पाकिस्तान को जोड़ेंगी पांच सुरंगे
इस्लामाबाद। पाकिस्तान और चीन के बीच दोस्ती अब और गहरी हो गई है। इस दोस्ती को और दूर तक ले जाने के मकसद से पाक पीएम नवाज शरीफ ने सोमवार को चीन के साथ लगने वाली पांच सुरंगों का उद्घाटन किया है। इन पांचों सुरंग का मकसद चीन और पाकिस्तान की दोस्ती को और मजबूत करना है। इस प्रोजेक्ट से दोनों देशों के बीच व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।

खास बात है कि इन सुरंगों के बाद अब टूरिस्ट्स सीधे चीन से इस्लामाबाद पहुंच सकेंगे। सूत्रों की मानें तो चीन के लिए यह परियोजना तो खास है ही साथ ही साथ पाक के लिए भी इसकी अहमियत कम नहीं हुई है।
यह नई परियोजना दोनों देशों के बीच रिश्तों को एक नया रंग देगी। लेकिन अब देखने वाली बात यह है कि क्या इन सुरंगों का कोई असर भारत पर भी पड़ेगा क्योंकि भारत हमेशा से चीन के पाक में जारी निर्माण कार्यों पर अपना विरोध जताता आया है।
सुरंग की खासियत
- ये सुरंगे गिलगित-बलतिस्तान से होकर चीन तक जाएंगी।
- इनकी कुल लंबाई सात किलोमीटर है।
- यह 24 किलोमीटर लंबे कराकोरम हाइवे का हिस्सा हैं।
- कारोकोरम हाइवे को चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरीडोर प्रोजेक्ट का हिस्सा है।
- इसकी लागत करीब 46 बिलियन डॉलर है।
- इन प्रोजेक्ट्स पर 275 मिलियन डॉलर का खर्च आया है।
- पाक और चीन, दोनों देशों के इंजीनियरों ने इस सुरंग को बनाया है।
- इस प्रोजेक्ट का नाम पाकिस्तान-चीन मैत्री योजना रखा गया है।
- अट्टाबाद झील के पास बनी ये सुरंगें 2010 में हुए लैंडस्लाइड्स में पूरी तरह बर्बाद हो गई थीं।
- इसकी वजह से ही हुंजा नदी का बहाव रुक गया था और वहां एक झील बन गई थी।
- प्रोजेक्ट्स के तहत इन पांच सुरंगों के अलावा दो पुल और 78 छोटे पुल बनाए जाएंगें।












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