6.5 लाख गर्भवती महिलाओं का क्या होगा? पहले 73,000 को बचाने की चुनौती, बाढ़ में बर्बाद हो गया पाकिस्तान
इस्लामाबाद, 31 अगस्त: पाकिस्तान में तीन दशक बाद आई रिकॉर्ड तोड़ बाढ़ ने उसे इस कदर बर्बाद कर दिया है कि हालात सुधरने के बाद पूरा जोर भी लगा दिया जाए तो पुनर्निमाण और पुनर्वास में पांच साल लग जाएंगे। आने वाले समय में पाकिस्तान पर बहुत बडे़ खाद्य संकट का खतरा अलग मंडरा रहा है। इसलिए उसने भारत की ओर मुंह ताकना भी शुरू कर दिया है। लेकिन, इस प्राकृतिक त्रासदी ने पाकिस्तानी महिलाओं और लड़कियों की जिंदगी पहाड़ बना दी है। खासकर गर्भवती महिलाओं पर तो जान का संकट मंडराने लगा है और महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ होने वाली हिंसा की वारदातें बढ़ने की भी आशंकाएं पैदा हो चुकी हैं।

पाकिस्तान में आफत की बाढ़ से महिलाओं पर संकट
पाकिस्तान अप्रत्याशित बाढ़ की वजह से बर्बादी की कगार पर खड़ा है। संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी के मुताबिक वहां बाढ़-ग्रस्त इलाकों में कम से कम 6,50,000 गर्भवती महिलाओं को फौरन मदद की दरकार है। वहां भयानक प्राकृतिक आपदा की चपेट में आकर अबतक 1,100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 3.3 करोड़ से ज्यादा लोग इससे प्रभावित हुए हैं। यूनाइटेड नेशंस पॉपुलेशन फंड (यूएनएफपीए) ने सबसे बड़ी चेतावनी तो ये दे डाली है कि पाकिस्तान में इस समय महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ होने वाली हिंसा का खतरा बहुत ही ज्यादा बढ़ चुका है। क्योंकि, बाढ़ के चलते इस पड़ोसी मुल्क में अबतक करीब 10 लाख घर तबाह हो चुके हैं।

73,000 गर्भवती महिलाओं की चिंता पहली बड़ी चुनौती
यूएनएफपीए एक यौन और प्रजनन संबंधी स्वास्थ्य एजेंसी है, जिसकी नजर में पाकिस्तान में महिलाओं की बहुत बड़ी आबादी भयानक मुश्किल के दौर से गुजर रही है। एजेंसी ने जिन 6,50,000 लाख गर्भवती महिलाओं के सामने बाढ़ के चलते संकट की स्थिति पैदा होने की बात कही है, उनमें से 73,000 से ज्यादा अगले महीने ही बच्चों को जन्म देने वाली हैं। यानी उन्हें फौरन मातृ स्वास्थ्य सेवा की आवश्यकता है, लेकिन बाढ़ ने वहां हालात बेकाबू कर दिए हैं। पाकिस्तान के डॉन अखबार ने संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी के हवाले से कहा है, 'अगले महीने 73,000 महिलाओं के प्रसव की उम्मीद है, उन्हें स्किल्ड बर्थ अटेंडेंट्स, न्यूबॉर्न केयर और सपोर्ट की आवश्यकता होगी।'

एक-तिहाई पाकिस्तान बाढ़ में डूबा
एजेंसी को चिंता इस बात की है कि एक-तिहाई पाकिस्तान बाढ़ में डूबा हुआ है, लेकिन गर्भावस्था और बच्चों के जन्म से जुड़ी आपात स्थिति प्राकृतिक आपदा के गुजरने का इंतजार नहीं कर सकती। पाकिस्तान में यूएनएफपीए के कार्यवाहक प्रतिनिधि बख्तिओर काडिरोव ने कहा है, 'यूएनएफपीए मैदान में है, पार्टनरों के साथ काम कर रही है, ताकि गर्भवती महिलाएं और नई माताओं को जीवन-रक्षक सेवाएं उपलब्ध होती रहें, चाहे हालात कितने भी चुनौतीपूर्ण क्यों ना हों।'

7,35,000 मवेशी मारे जा चुके हैं
बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित सिंध हुआ है, जहां संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के मुताबिक 1,000 से ज्यादा स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह से या आंशिक तौर पर तबाह हो चुके हैं। जबकि बलूचिस्तान में 198 स्वास्थ्य केंद्र बर्बाद हो चुके हैं। बाढ़ से पाकिस्तान में 1,600 से ज्यादा लोगों के घायल हुए हैं और करीब 7,35,000 मवेशी खत्म हो चुके हैं, जो कि आजीविका के बहुत बड़े साधन हैं। बाढ़ ने सड़कों को भी बर्बाद किया है और दो लाख एकड़ कृषि भूमि को भी खराब कर दिया है। सड़कों और पुलों के टूटने से लड़कियों और महिलाओं के स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंच पाना भी मुश्किल हो चुका है।

महिलाओं के खिलाफ हिंसा बढ़ने की आशंका
संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने विशेष रूप से सिंध, बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब प्रांतों के लिए 8,311 डिगनिटी किट, 7,411 न्यूबॉर्न बेबी किट और 6,412 क्लीन डिलिवरी किट के इंतजाम किए हैं, ताकि गर्भवती माताओं और नवजातों तक तत्काल मदद पहुंचाई जा सके। इसके अलावा एजेंसी महिलाओं के खिलाफ होने वाली संभावित हिंसा को देखते हुए भी अपनी तैयारी पुख्ता कर रही है।

64 लाख लोगों पर सबसे ज्यादा संकट
पाकिस्तान में इस साल जून से हो रही बारिश और उसके बाद आई बाढ़ के चलते 64 लाख लोगों के सामने सबसे ज्यादा मुसीबत की स्थिति बनी है, जिन्हें तत्काल सहायता की आवश्यकता है। लाखों लोग बेघर हो चुके हैं, जो कैंपों में या दूसरे परिवारों के साथ रहने के लिए मजबूर हैं। यूएनएफपीए के मुताबिक उसकी ओर से अबतक 15 लाख डॉलर के बराबर सहायता उपलब्ध करवाई गई है, जिसमें टेंट, प्लास्टिक त्रिपाल, सैनिटरी प्रोडक्ट, कूकिंग स्टोव, कंबल, सोलर लैंप और स्लीपिंग मैंट शामिल हैं।

बाढ़ के चलते पांच साल और पीछे चला गया पाकिस्तान
पाकिस्तान के फेडरल मंत्री अहसान इकबाल के मुताबिक शुरुआती अनुमानों के मुताबिक पाकिस्तान को बाढ़ और बारिश की वजह से इस बार कम से कम 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर का आर्थिक नुकसान हो सकता है। पाकिस्तान में इस साल बारिश ने 30 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है। इकबाल ने कहा है 20 करोड़ की आबादी वाले पाकिस्तान पर बहुत बड़े खाद्य संकट का खतरा मंडरा रहा है और बाढ़ के चलते जितनी तबाही हुई है, उसके पुनर्निमाण और पुनर्वास में पांच साल तक लग सकते हैं। (इनपुट-पीटीआई)












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