पाकिस्तान को याद आ रहे बस से लाहौर पहुंचने वाले भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के जर्नलिस्ट्स और राजनेताओं ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर गहरा शोक जताया है। पाकिस्तान के बुद्धिजीवी, वाजपेयी के निधन के बाद याद कर रहे हैं कि कैसे वाजपेयी ने दोनों देशों के बीच शांति बहाल करने की कोशिशें की थीं। पाकिस्तान के होने वाले पीएम इमरान खान ने कहा है कि वाजपेयी के निधन से दक्षिण एशिया की राजनीति का एक बड़ा अध्याय खत्म हो गया। इमरान ने कहा है कि वह दुख की इस घड़ी में भारत की जनता के साथ हैं। पाकिस्तान के लोग वाजपेयी को एक ऐसे भारतीय पीएम के तौर पर याद कर रहे हैं जो बस लेकर लाहौर तक पहुंचे थे और वह भी शांति कायम करने के मकसद से। ये भी पढ़ें-अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर चीन की न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने ट्वीट कर दी जॉर्ज फर्नांडीस की फोटो
एक अपूरणीय क्षति
पाकिस्तान के जर्नलिस्ट और अब राजनेता सीनेटर मुशाहिद हुसैन सैयद ने वाजपेयी के निधन को एक 'अपूरणीय क्षति' करार दिया है। उन्होंने ट्वीट किया और लिखा, 'वह शांति के प्रतीक थे जिनके पास पाकिस्तान के साथ शांति कायम करने के लिए निक्सन का दृष्टिकोण था।' 19 फरवरी1999 को वाजपेयी बस लेकर लाहौर पहुंचे थे और मुशाहिद उस समय मिनिस्टर-इन-वेटिंग के तौर पर थे और उनकी मानें तो यह उनके लिए किसी गौरवशाली पल से कम नहीं था। वहीं बीबीसी के जर्नलस्टि शफी नकी जैमी ने वाजपेयी की मृत्यु पर ट्वीट किया और लिखा, 'उन्होंने तीन बार पीएम के तौर पर देश की सेवा की और उन्हें हमेशा आर्थिक सुधारों के लिए याद किया जाएगा और साथ ही पाकिस्तान के साथ दृढ़ता के साथ शांति की कोशिशों के लिए भी उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।'
भारत-पाक को दोस्त बनते देखना चाहते थे
पाकिस्तान के जाने-माने टीवी जर्नलिस्ट आमिर मतीन ने वाजपेयी के निधन पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट किया और लिखा, 'एक सच्चे राजनेता का निधन वाकई दुखद है। वह एक उत्कृष्ठ पीएम थे। और निश्चित तौर पर भारत-पाकिस्तान के बीच शांति की काफी कोशिशें की लेकिन हमारी वजह से वह असफल हो गए।आरआईपी।' वहीं पाकिस्तान की पत्रकार और लेखक मेहर तरार ने ट्वीट में लिखा है, 'वह एक ऐसे भारतीय पीएम थे जो सदा-ए-सरहद बस से दोस्ती का संदेश लेकर लाहौर आए थे और जो भारत और पाकिस्तान को उनके खून-खराबे वाले इतिहास से आगे बढ़ते हुए देखना चाहते थे, दोस्त बनते हुए देखना चाहते थे।'
एक लीजेंड चला गया
इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रवक्ता फवाद चौधरी ने ट्वीट किया और लिखा, ' एक लीजेंड चला गया, उनकी राजनीति विवादित थी लेकिन अमन की उनकी ख्वाहिश निश्चित तौर पर एक करने वाली थी।' वहीं पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो के मीडिया सलाहकार और पत्रकार उमर कुरैशी ने याद किया कि जब वाजपेयी, पाकिस्तान आए थे तो लोगों ने उन्हें कितना पसंद किया था। उन्होंने ट्वीट में लिखा, 'बीजेपी से होने के बाद भी, अटल बिहारी वाजपेयी को पाकिस्तान में काफी पसंद किया जाता था और इसलिए तो उन्हें और भी ज्यादा याद किया जाता है कि वह खुद दोस्ती बस से लाहौर आए थे।'












Click it and Unblock the Notifications