पाकिस्तान में विपक्ष सेना पर आक्रामक, जनवरी से PM इमरान को हटाने के लिए छिड़ेगा आंदोलन
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में विपक्षी पार्टियों ने प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इमरान के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है। देश की बड़ी विपक्षी पार्टियां अब इमरान सरकार को बेदखल करने के लिए बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करने वाली हैं। रविवार को एक ऑल पार्टीज कॉन्फ्रेंस हुई है जिसमें लंदन से पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भी हिस्सा लिया। नवाज, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के मुखिया हैं। इस कॉन्फ्रेंस का आयोजन पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की तरफ से हुआ था। कॉन्फ्रेंस में जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम फज्ल (जेयूआई-एफ) और दूसरी पार्टियां भी शामिल थीं।

सेना पर जमकर बरसे नवाज
इस कॉन्फ्रेंस में 26 बिंदुओं वाले एक प्रस्ताव को स्वीकार किया गया है। जेयूआई-एफ प्रमुख मौलाना फजल उर-रहमान ने 26 बिंदुओं वाले प्रपोजल को पढ़ा और कहा कि विपक्षी पार्टियां, पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) नाम से गठबंधन बनाने को राजी हो गई हैं। इसका मकसद इमरान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की हुकूमत के खिलाफ अक्टूबर से देशव्यापी प्रदर्शन शुरू किए जा सकें। इस प्रपोजल में नवाज ने जमकर सेना पर हमला बोला। नवाज ने पाकिस्तान आर्मी का नाम नहीं लिया।
सेना पर नवाज के बड़े आरोप
नवाज ने आरोप लगाया कि इमरान सरकार को 'उसी संस्थान ने फर्जी स्थिरता दी है' जिसने मौजूदा शासकों को सत्ता में लाने के लिए चुनाव में हस्तक्षेप किया था। शक्तिशाली फौज का जाहिर तौर पर जिक्र करते हुए प्रस्ताव में कहा गया है कि मुल्क के अंदरूनी मामलों में आर्मी की बढ़ती दखलअंदाजी बेहद चिंताजनक है। कॉन्फ्रेंस में सेना को देश की स्थिरता और संस्थानों के लिए खतरा बताया गया है। इस प्रपोजल के मुताबिक, प्रदर्शन चरणों में शुरू होंगे। पहले चरण में विपक्षी पार्टियां सभी चार प्रांतों में अक्टूबर में संयुक्त रैलियां करेंगी। दूसरा चरण दिसंबर में शुरू होगा, जिस दौरान विपक्ष देशभर में बड़ी रैलियां करेगा।इसके बाद अगले साल जनवरी में सरकार को हटाने के लिए इस्लामाबाद के लिए निर्णायक बड़ा मार्च शुरू होगा।












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