• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

पाकिस्‍तान की सरकारी वेबसाइट ने PoK को बता दिया भारत का हिस्‍सा, दिखाया जम्‍मू कश्‍मीर की सीमा में

|

इस्‍लामाबाद। पाकिस्‍तान की सरकार जो गिलगित-बाल्‍टीस्‍तान को पांचवां प्रांत बनाने की कोशिशों में लगा हुआ है, उसकी तरफ से एक ऐसी गलती हो गई है जिससे हकीकत सामने आ गई है। कोरोना वायरस पर बनाई गई पाकिस्‍तान की सरकारी वेबसाइट पर जो नक्‍शा जारी किया गया, उस में पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर (पीओके) को भारत का हिस्‍सा दिखाया गया है। खुद को शर्मसार होते देख पाकिस्‍तान की सरकार ने इस नक्‍शे को बदल दिया। मगर तब तक इसके स्‍क्रीनशॉट आ चुके थे।

यह भी पढ़ें-पाकिस्‍तान में बीच सड़क पर कर्नल की पत्‍नी का हंगामा, देखें वीडियो

सन् 1947 से पाकिस्‍तान का कब्‍जा

सन् 1947 से पाकिस्‍तान का कब्‍जा

पाकिस्‍तान ने सन् 1947 से पीओके पर कब्‍जा किया हुआ है। नक्‍शे में यह गलती पाकिस्‍तान से ऐसे समय में हुई है जब इमरान खान के देश की सीमा लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर लगातार फायरिंग कर रही है। भारत हमेशा ही इस बात को कहता आया है कि पीओके भारत का अभिन्‍न हिस्‍सा है और इसे वापस लिया जाएगा। पिछले वर्ष जब अगस्‍त में जम्‍मू कश्‍मीर से आर्टिकल 370 को हटाया गया था तो उस समय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि जब कभी भी जम्‍मू कश्‍मीर का जिक्र होगा, पीओके को भी शामिल किया जाएगा। चीफ ऑफ डिफेंस स्‍टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत भी कह चुके हैं कि अगर आदेश मिला तो सेना पीओके को वापस हासिल करके रहेगा।

भारत ने दिया पाक को बड़ा संदेश

भारत ने दिया पाक को बड़ा संदेश

पिछले दिनों भारत ने कोरोना वायरस महामारी के बीच ही पाकिस्‍तान को एक और बड़ा जख्‍म दिया है। सरकारी चैनल दूरदर्शन पर आठ मई से लगातार पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर यानी पीओके और नॉर्दन एरियाज (गिलगित-बाल्‍टीस्‍तान) के मौसम का हाल बताया जाएगा। माना जा रहा है कि भारत सरकार ऐसा करके रोजाना पाकिस्‍तान को एक संदेश देना चाहती है कि उसे इन क्षेत्रों पर गैर-कानूनी कब्‍जा किया हुआ है। यह पहला मौका था जब भारत के मौसम विभाग ने पहली बार गिलगित-बाल्टिस्‍तान के मौसम का हाल अपने बुलेटिन में दिया।

PoK के मीरपुर और मुजफ्फराबाद का मौसम

PoK के मीरपुर और मुजफ्फराबाद का मौसम

दूरदर्शन नेशनल, डीडी न्‍यूज, ऑल इंडिया रेडियो और कश्‍मीर चैनल्‍स को निर्देश दिए गए हैं कि देश के दूसरे हिस्‍सों के साथ इन क्षेत्रों को भी रोजाना मौसम बुलेटिन में शामिल किया जाए। कश्‍मीर चैनल दूरदर्शन का ही हिस्‍सा है और जम्‍मू कश्‍मीर में इसका प्रसारण होता है। दूरदर्शन शुक्रवार से पीओके के मीरपुर और मुजफ्फराबाद और गिलगित-बाल्टिस्‍तान के मौसम की भविष्‍यवाणी करेगा। एक सरकारी अधिकारी की तरफ से कहा गया कि इस फैसले से इमरान खान सरकार और उनके समर्थकों को निरंतर एक संदेश दिया जाएगा कि पाकिस्‍तान का कोई भी कदम उसके गैरकानूनी कब्‍जे को सही नहीं ठहरा सकता है।

पाकिस्‍तान को लगी मिर्ची

पाकिस्‍तान को लगी मिर्ची

वेदर बुलेटिन के बाद पाकिस्‍तान की तरफ से आधिकारिक प्रतिक्रिया दी गई। पाक विदेश विभाग की प्रवक्‍ता आइशा फारूकी ने कहा कि पाकिस्‍तान, भारतीय टीवी पर आने वाले मौसम बुलेटिन में पीओके और गिलगित-बाल्टिस्‍तान को शामिल करने के कदम को खारिज करता है। विदेश विभाग की तरफ से ट्वीट की गई और कहा गया, 'पिछले साल भारत की ओर से जारी किए गए राजनीतिक नक्शे की तरह ही यह कदम भी पूरी तरह से अवैध, वास्तविकता के विपरीत और यूएनएससी के प्रस्तावों का उल्लंघन है। यह भारत का गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार है। पाकिस्तान भारत के इस वेदर बुलेटिन को खारिज करता है।' मौसम के बहाने पाकिस्तान ने फिर कश्मीर राग छेड़ा।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Pakistan: Government website shows PoK part of Jammu Kashmir is in India.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X