पाकिस्तान की सरकार बोली-हम भी फ्रांस से वापस बुलाएंगे राजदूत, लेकिन 3 माह से तो खाली पड़ा है दूतावास
इस्लामाबाद। पाकिस्तान की नेशनल एसेंबली ने पता नहीं किन वजहों से प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार ने यह प्रस्ताव पेश कर डाला कि फ्रांस से राजदूत को सरकार वापस बुलाएगी। मांग करते समय सरकार को ध्यान ही नहीं रहा कि पिछले तीन वर्षों से कोई राजदूत ही नहीं है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैंक्रो की तरफ से पिछले हफ्ते मैगजीन चार्ली हेब्दो की निंदा करने से इनकार कर दिया गया था जिसमें पैंगबर मोहम्मद का विवादास्पद कार्टून छपा था। इसके बाद से ही लगातार विवाद जारी है।

चीन में हो गया राजदूत का ट्रांसफर
द न्यूज की तरफ से बताया गया है कि पेरिस स्थित दूतावास पर पिछले तीन महीनों से कोई राजदूत पोस्ट नहीं हुआ है। तीन माह पहले पेरिस स्थित दूतावास पर मोइन-उल-हक पोस्टेड थे लेकिन उन्हें चीन ट्रांसफर कर दिया गया। इसके बाद से ही पद खाली पड़ा है। मैक्रों के इस्लामिक आतंकवाद पर दिए गए बयान को लेकर पाकिस्तानी संसद में एक निंदा प्रस्ताव पेश किया गया। इस दौरान विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने एक और प्रस्ताव पेश करते हुए अपने राजदूत को फ्रांस से वापस बुलाने की बात कही। इसके बाद उनके इस प्रस्ताव पर सबने सहमति जताई बस यही से सारा खेल सामने आ गया। दरअसल जिस राजदूत को वापस बुलाने के लिए पाकिस्तान ने प्रस्ताव पास किया वह फ्रांस में हैं ही नहीं। पिछले तीन महीनों से फ्रांस में पाकिस्तान का कोई राजदूत ही तैनात नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री को इस बात की जानकारी न होना हैरान करने वाला है।












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