इस्लामाबाद कोर्ट ने भेजा लखवी को सम्मन, कोर्ट में हाजिर होने का आदेश
इस्लामाबाद। लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख सदस्य और 2008 में मुंबई को दहलाने की साजिश रचने वाले आतंकी जकी उर रहमान लखवी को इस्लामाबाद कोर्ट ने सम्मन भेजा है। मंगलवार को पाकिस्तान सरकार की लखवी की जमानत के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए इस्लामाबाद की एंटी-टेररिज्म कोर्ट ने लखवी को 26/11 मामले की सुनवाई की अगली तारीख को उपस्थित होने का कहा है।

इस्लामाबाद हाई कोर्ट में जस्टिस शौकत सिद्दिकी के नेतृत्व वाली दो सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को लखवी को जमानत देने के आतंकवाद निरोधक अदालत के निर्णय के खिलाफ सरकार की याचिका स्वीकार कर ली।
अभियोजन प्रमुख चौधरी अजहर ने सुनवाई के बाद बताया, ‘अदालत ने इस मामले में जिरह के लिए सुनवाई की अगली तारीख को लखवी को उपस्थित होने को कहा है और इस बारे में उसे नोटिस जारी किया गया है।' संघीय जांच एजेंसी के एक विशेष अभियोजक अजहर ने कहा कि अदालत कार्यालय मामले की सुनवाई की अगली तारीख निर्धारित करेगा।
नवंबर 2008 में मुम्बई आतंकी हमले की योजना बनाने, वित्त पोषण और उसे अमलीजामा पहनाने में शामिल रहे लखवी को 18 दिसंबर 2014 को एटीसी ने जमानत प्रदान की दी थी। इसके अगले दिन लखवी को लोक व्यवस्था बनाये रखने :एमपीओ: के उपबंध के तहत हिरासत में लिया गया।
हालांकि, इस्लामाबाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश नुरूल हक कुरैशी ने एमपीओ के तहत लखवी को हिरासत पर रोक निलंबित कर दी थी जिस पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।
बहरहाल, रिहा किये जाने से पहले लखवी को अफगानिस्तान के नागरिक मोहम्मद अनवर खान के अपहरण के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसे दो दिनों की हिरासत मे रखा और मजिस्ट्रेट की अदालत ने कल 14
दिनों की न्यायिक हिरासत में कल अदियाला जेल भेज दिया। लखवी को पिछले पांच वर्षों से अदियाला जेल में रखा गया है। उसे 15 जनवरी को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जायेगा।












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