इमरान का मोदी सरकार पर आरोप, चुनाव जीतने के लिए देश में पाक विरोधी भावनाओं का सहारा
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत की केंद्र सरकार पर फिर से एक बड़ा आरोप लगाया है। इमरान ने कहा है कि भारत में सत्ताधारी बीजेपी सरकार आने वाले आम चुनावों में जीत हासिल करने के मकसद से बातचीत कतरा रही है। इमरान ने यह भी कहा है कि सरकार, पाकिस्तान-विरोधी भावनाएं भड़काकर चुनाव में जीत हासिल करने के लक्ष्य को हासिल करना चाहती है। इमरान ने यह बात टर्की की न्यूज एजेंसी टीआरटी वर्ल्ड को दिए इंटरव्यू में कही है। इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की ओर से इस बात की पुष्टि की गई है। पार्टी ने यह भी बताया है कि इमरान ने भारत के साथ बातचीत की ख्वाहिश जताई है।

चुनाव की वजह से वार्ता का प्रस्ताव खारिज
इमरान ने दावा किया है कि भारत की ओर से पहले भी कई बार द्विपक्षीय वार्ता के प्रस्ताव को खारिज किया जा चुका है। इमरान की मानें तो आने वाले कुछ दिनों में चुनाव होने वाले हैं और इसी वजह से बार-बार बातचीत की पेशकश ठुकराई जा रही है। इमरान ने कहा कि अगर भारत एक कदम आगे बढ़ाता है तो पाकिस्तान दो कदम आगे बढ़ेगा। इमरान पिछले दिनों दो दिवसीय दौरे पर टर्की में थे। मंगलवार को पाकिस्तान के चैनल जियो न्यूज की ओर से भी उनके बयान की पुष्टि की गई है।

युद्ध सोचना भी खतरनाक कदम
इमरान ने यह भी कहा कि दोनों देश परमाणु हथियार की ताकतों से लैस हैं और ऐसे में किसी भी तरह का युद्ध एक प्रकार का आत्मघाती कदम होगा।इमरान ने कहा कि दोनों देशों के बीच शीत युद्ध भी अहितकर है। इमरान की पार्टी ने उनके हवाले से बताया है, 'परमाणु ताकत से लैस दोनों देशों को युद्ध के बारे में सोचना भी नहीं चाहिए। युद्ध छोड़िए दोनों को शीत युद्ध तक के बारे में नहीं सोचना चाहिए क्योंकि हालात किसी भी पल बिगड़ सकते हैं।' इमरान ने आगे कहा है कि सिर्फ द्विपक्षीय वार्ता ही एक आखिरी रास्ता है। इमरान ने कहा कि भारत ने उनके शांति प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। भारत हमेशा से यह बात कहता आया है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं हो सकते हैं।

पहले भी चुनावों का जिक्र कर चुके हैं इमरान
नवंबर माह में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने दोनों देशों के बीच संबंधों को बेहतर करने की अपनी मांग दोहराई थी। उस समय भी उन्होंने अपने बयान में चुनाव का जिक्र किया था। इमरान ने कहा था कि वह इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि कब नई दिल्ली की ओर से प्रतिक्रिया मिलती है। इमरान के मुताबिक भारत के साथ वार्ता की संभावना आम चुनावों से पहले नजर नहीं आती है। अप्रैल और मई में देश में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। इमरान ने कहा था कि चुनावों के बाद ही भारत के साथ रुकी हुई द्विपक्षीय वार्ता शुरू होने के आसार नजर आते हैं।












Click it and Unblock the Notifications