इमरान खान ने कहा- मेरी जान को खतरा है लेकिन मैं पाकिस्तान के लिए लड़ाई जारी रखूंगा
इमरान खान ने कहा- मेरी जान को खतरा है लेकिन मैं पाकिस्तान के लिए लड़ाई जारी रखूंगा
इस्लामाबाद, 01 अप्रैल: पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार गिरना तय है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शुक्रवार को नया शगूफा छोड़ा है। इमरान खान ने कहा उनकी जान को खतरा है इसकी उन्हें विश्वसनीय जानकारी मिली है। उन्होंने ये भी कहा जवह डरते नहीं हैं और एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक राष्ट्र के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार इमरान खान ने कहा कि न केवल उनका जीवन खतरे में है, बल्कि विपक्ष, जो उन्हें बाहर करने के लिए किसी विदेशी शक्ति के साथ शामिल था, उनके और उनकी पत्नी के चरित्र हनन का भी सहारा लेगा।
जल्द चुनाव ही बेहतर विकल्प है
पाक पीएम ने आगे कहा कि अगर वह रविवार को अविश्वास प्रस्ताव से बच जाते हैं तो जल्द चुनाव सबसे अच्छा विकल्प है। एआरवाई न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा "Establishment"ने उन्हें तीन आप्शन दिए हैं जिसमें अविश्वास मत, जल्दी चुनाव या प्रधानमंत्री के रूप में इस्तीफा। क्रिकेटर से राजनेता बने 69 वर्षीय इमरान खान अविश्वास प्रस्ताव पर वोट का सामना करने के लिए तैयार थे, जिसे कुछ दिनों पहले उनके खिलाफ नेशनल असेंबली में विपक्ष द्वारा पेश किया गया था।
...ताकि मुझे समझौता नहीं करना पड़ेगा।
विपक्ष ने उन्हें क्या विकल्प दिए, इस सवाल का जवाब देते हुए खान ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि उन्हें शहबाज शरीफ जैसे लोगों से बात करनी चाहिए। इमरान खान ने कहा अगर हम (अविश्वास मत) तक जीवित रहते हैं, तो हम निश्चित रूप से इन टर्नकोट (जिन्होंने विपक्ष में शामिल होने के लिए पीटीआई छोड़ दिया) के साथ काम नहीं कर सकते हैं, जल्दी चुनाव सबसे अच्छा विकल्प है, मैं अपने देश से मुझे एक साधारण बहुमत देने का आग्रह करूंगा ताकि मुझे समझौता नहीं करना पड़ेगा।
इमरान खान ने दावा कि उनके खिलाफ साजिश पिछले अगस्त से चल रही
बता दें एक दिन पहले गुरुवार को इमरान खान ने राष्ट्र को संबोधित किया और कहा कि पाकिस्तान में मौजूदा राजनीतिक संकट में विदेशी ताकतें शामिल थीं और उन्होंने संयुक्त राज्य का नाम लिया, जो कि जुबान से फिसल गया था। विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को एक साजिश बताते हुए खान ने कहा कि वह इसके बारे में पिछले साल अगस्त से जानते हैं और उनके पास ऐसी खबरें हैं कि कुछ विपक्षी नेता दूतावासों का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "हुसैन हक्कानी जैसे लोग लंदन में नवाज शरीफ से मिल रहे थे।












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