तालिबान के बारे में इमरान खान के झूठ का पर्दाफाश, सांसद ने कहा- सरकारी मदद से.....
क्वेटा, 21 जुलाई: पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की एक झूट का वहीं के एक सांसद ने पर्दाफाश कर दिया है। पाकिस्तानी सांसद ने कहा है कि क्वेटा समेत पाकिस्तान के विभिन्न इलाकों में तालिबान आजाद घूम रहे हैं, जो कि बिना सरकारी समर्थन के मुमकिन नहीं है। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही ताशकंद में इस मुद्दे पर अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने इमरान को खूब लताड़ा था। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान के अभी भी आतंकी संगठनों से ताल्लुकात हैं, जिससे इमरान ने नकार दिया था। गनी ने तालिबान की मदद के लिए पाकिस्तान से हजारों जिहादियों के घुसने की बात इमरान खान के सामने ही कही थी। तब इमरान ने घड़ियाली आंसू बहाने की कोशिश की थी। लेकिन, अब पाकिस्तानी सांसद ने अपनी सरकार का कारनामा जाहिर कर दिया है।

तालिबान के बारे में इमरान खान की झूठ का पर्दाफाश
अफगानिस्तान में तालिबान लगातार अपनी दखल बढ़ाता जा रहा है। जिला-दर-जिला उसका कब्जा होता जा रहा है। पाकिस्तान पर शुरू से तालिबान की मदद के लिए अपने आतंकी संगठनों को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं। अब पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम जनजातीय इलाके के एक विपक्षी सांसद मोहसिन दवार ने कहा है कि 'तालिबान क्वेटा समेत पाकिस्तान के विभिन्न इलाकों में आजाद घूमता है।' एएनआई ने डीडब्ल्यू के हवाले से उन्हें कोट करते हुए लिखा है- 'यह बिना सरकार के समर्थन से मुमकिन नहीं है।' हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें पाकिस्तानी नागरिकों के हाथ में तालिबानी झंडे दिखा पड़ रहे थे और वो इस आतंकी संगठन के समर्थन में एक रैली में नारे भी लगा रहे थे।

तालिबान के साथ मिलकर लड़ रहे हैं पाकिस्तानी आतंकी
दरअसल, जैसे-जैसे तालिबान अफगानिस्तान के इलाकों पर कब्जा करता जा रहा है, पाकिस्तानी आतंकी संगठनों के भी हौसले बढ़ते जा रहे हैं और वो भी उनके साथ अफगानी सेना के खिलाफ जंग में शिरकत करने लगे हैं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक पिछले कुछ समय में अफगानी सुरक्षा बलों के खिलाफ तालिबान की ओर से लड़ते हुए दर्जनों पाकिस्तानी मारे गए हैं। ताशंकद में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में इमरान की मौजूदगी में अशरफ गनी ने कहा था कि पाकिस्तान से 10,000 जिहादी अफगानिस्तान में घुस आए हैं, लेकिन पाकिस्तान तालिबान को बातचीत को तैयार करने के लिए अपने प्रभावों का इस्तेमाल नहीं करता। इसपर इमरान ने कहा था कि वो उनके आरोपों से बहुत आहत हुए हैं, क्योंकि इस जंग से खुद पाकिस्तान भी भुगत रहा है और वह कभी भी वहां संघर्ष नहीं चाहता।

तालिबान के लिए मौलाना जुटा रहे हैं धन
सच्चाई ये है कि पाकिस्तान के क्वेटा शहर और बलूचिस्तान प्रांत के पिशिन जिले के लोगों ने इलाके में तालिबान की गतिविधियों में बहुत ही ज्यादा इजाफा देखा है। एक स्थानीय निवासी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा, 'हमारे इलाके में तालिबान को स्थानीय लोगों का समर्थन है, लेकिन रैलियां सरकार के सहयोग के बिना मुमकिन नहीं हैं।' उसने कहा कि 'शुरू में मौलाना मस्जिदों में अफगान तालिबान के लिए चंदा मांगते थे और अब वो घर-घर जाकर फंड की उगाही कर रहे हैं।'

तालिबान के लिए क्या-क्या करता है पाकिस्तान ?
विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान, तालिबान को सिर्फ सुरक्षित ठिकाना ही मुहैया नहीं कराता, तालिबान लड़ाकों को मेडिकल सुविधाएं भी देता है और उनके परिवार वालों को भी सहायता पहुंचाता है। वॉशिंगटन स्थित विल्सन सेंटर के डिप्टी डायरेक्टर मिशैल कुगेलमैन ने कहा है, 'पाकिस्तान तालिबान लड़ाकों का फायदा सिर्फ इसलिए नहीं उठाता है कि उसने उनके नेताओं को सुरक्षित ठिकानें उपलब्ध करवाए हैं, बल्कि तालिबान लड़ाकों को मेडिकल सहायता भी दिए हैं और उनके परिवारों की भी मदद करता है।' उन्होंने कहा कि शुरू में पाकिस्तान कहता था कि तालिबान के साथ उसके संबंध उसे अमेरिकियों के साथ बातचीत करवाने की बेहतर स्थिति में लाता है। लेकिन, जब वह कहता है कि उसे सीमित मदद देता है तो वो अपनी ही बातों को काटता नजर आता है। वर्षों से पाकिस्तानी जनता का तालिबान को समर्थन रहा है और वो उसके लिए लड़ने के लिए भी जाते हैं।












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