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मिलिए उस बहादुर महिला पुलिस ऑफिसर सुहाई अजीज से, जिसने कराची में बचाई चीनी अफसरों की जान

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    Pakistan की जांबाज Lady Police Officer Suhai Aziz जो Social Media पर कर रही है Trend| वनइंडिया हिंदी

    कराची। शुक्रवार को पाकिस्‍तान के कराची के पॉश इलाके क्लिफटन में जब आतंकी हमले की खबरें आईं, तो हर तरफ अफरा-तफरी मच गई। पाकिस्‍तान में हमले के बाद हलचल मचना लाजिमी था क्‍योंकि चीनी दूतावास पर एक बड़े आतंकी हमले की कोशिश की गई थी। हमले के समय चीनी स्‍टाफ को एक खरोंच तक नहीं आई और इसकी वजह बनी कराची पुलिस की बहादुर महिला पुलिस ऑफिसर। आपको जानकर हैरानी होगी कभी इसी पुलिस ऑफिसर को उसे गांव में रिश्‍तेदारों ने सिर्फ इसलिए छोड़ दिया था क्‍योंकि उसने एक प्राइवेट स्‍कूल में एडमिशन लिया था। आज भारी हथियारों से लैस आतंकियों से चीनी ऑफिसर्स की जान बचाकर यही पुलिस ऑफिसर वाहवाही बटोर रही है।

    सिक्‍योरिटी ऑपरेशन को लीड कर रही थीं सुहाई

    सिक्‍योरिटी ऑपरेशन को लीड कर रही थीं सुहाई

    सीनियर सुपरीटेंडेंट पुलिस सुहाई अजीज तलापुर उस सिक्‍योरिटी ऑपरेशन को लीड कर रही थी जिसने क्लिफटन में स्थित चीनी दूतावास को बड़े आतंकी हमले का शिकार होने से बचा लिया। इस हमले की जिम्‍मेदारी बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने ली है। सुहाई ने हमले के बाद भी इस बात की पूरी गारंटी ली कि आतंकी कांसुलेट के अंदर दाखिल होकर राजनयिकों को नुकसान न पहुंचा सके। आतंकियों के पास नौ हैडं ग्रेनेड्स, असॉल्‍ट राइफल्‍स, मैगजीन और विस्‍फोटक थे। पुलिस की ओर से कहा गया है कि आतंकी खाने-पीने का सामान और दवाईयों के साथ आए थे। इससे साफ है कि उनकी योजना स्‍टाफ को बंधक बनाने की थी। लेकिन उनकी साजिश नाकाम हो गई क्‍योंकि जैसे ही वह कांसुलेट के गेट पर पहुंचे, पुलिस वहां पर पहुंच गई थी और उसने हमले का जवाब देना शुरू कर दिया था। इस हमले में दो पुलिस ऑफिसर्स की भी मौत हुई तो तीन आतंकियों को भी ढेर किया गया।

    रिश्‍तेदार चाहते थे सुहाई को मिले धार्मिक शिक्षा

    रिश्‍तेदार चाहते थे सुहाई को मिले धार्मिक शिक्षा

    सुहाई, सिंध प्रांत के तांडो मोहम्‍मद खान जिले में आने वाले भाई खान तालपुर गांव की रहने वाली हैं। पाकिस्‍तान के अखबार एक्‍सप्रेस ट्रिब्‍यून के मुताबिक साल 2013 में उनहोंने सेंट्रल सुपीरियर सर्विसेज एग्‍जाम (सीएसएस) को पास किया और फिर पुलिस फोर्स को ज्‍वॉइन किया। सुहाई ने इस अखबार के साथ बातचीत में कहा, 'जब मेरे माता-पिता ने फैसला किया कि वह स्‍कूल में मेरा दाखिल कराएंगे तो मेरे बहुत से रिश्‍तेदारों ने मेरे परिवार को ताने मारने शुरू कर दिए थे। ताने इतने ज्‍यादा बढ़ गए थे कि हमें गांव छोड़कर पास के कस्‍बे में आकर रहने को मजबूर होना पड़ा। ' सुहाई के पिता अजीज तालपुर एक राजनीतिक और लेखक हैं। उन्‍होंने बताया कि वह अपनी बेटी को पढ़ाना चाहते थे और सिर्फ इतनी सी बात पर उनक रिश्‍तेदारों ने उनके साथ संबंध खत्‍म कर लिए। उन्‍होंने कहा कि रिश्‍तेदार चाहते थे कि सुहाई को धार्मिक शिक्षा दी जाए और वह अपनी बेटी की बेहतर शिक्षा की वकालत करते।

    पहले ही प्रयास में पास की परीक्षा

    पहले ही प्रयास में पास की परीक्षा

    सुहाई ने अपनी प्राथमिक शिक्षा एक प्राइवेट स्‍कूल में ली और फिर इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए बहारिया फांउडेशन में एडमिशन लिया। इसके बाद सुहाई ने सिंध प्रांत में आने वाले हैदराबाद के जुबैदा गर्ल्‍स कॉलेज से बी.कॉम की पढ़ाई की। सुहाई कहती हैं उनका परिवार चाहता था कि वह एक चार्टड एकाउंटेंट बनें। सुहाई को लगता था कि इस नौकरी में में कोई मजा नहीं है। सुहाई ने बताया कि जब वह सर्विसेज एग्‍जाम में बैठीं तो पहले ही प्रयास में परीक्षा पास कर ली। सुहाई अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और उनके पालन पोषण को दती हैं। सुहाई ने कहा, 'मेरे माता-पिता देशभक्‍त हैं और वह इस बात पर जोर देते कि मैं सिंधी कविता को याद कर लूं। इससे मेरी रूचि साहित्‍य और इतिहास में बढ़ी। इसकी वजह से ही मैंने सीएसएस की परीक्षा में दोनों विषयों में सबसे ज्‍यादा नंबर हासिल किए।'

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    English summary
    A fearless woman Police officer saved life of Chinese staff in Karachi during an attack in Pakistan.
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