अफगानिस्तान में आतंकियों के खिलाफ अमेरिकी अभियान में पाक रोड़ा
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा इस माह में दो बार पाकिस्तान को आतंकियों को पाक में मिले संरक्षण की वजह से चेतावनी दे चुके हैं। अब एक सीनियर यूएस आर्मी ऑफिसर ने भी पाकिस्तान के लिए तल्ख तेवर अख्तियार किए हैं।

एक सीनियर यूएस जनरल ने कहा है कि अगर हक्कानी नेटवर्क और तालिबान जैसे आतंकी संगठनों का पाकिस्तान में पनाह मिलती रही तो फिर अफगानिस्तान में उसके लिए दुश्मन को नष्ट करना मुश्किल होगा।
पेंटागन की ओर से अफगानिस्तान में अमेरिकी और नाटो फोर्सेज कमांडर के तौर पर नॉमिनेट हुए जनरल जॉन मिक निकलसन ने बताया कि जब एक दुश्मन उस जैसा पनाहगाह हासिल करेगा तब उसे शिकस्त देना बहुत मुश्किल होगा। उन्होंने सीनेट की आर्म्ड फोर्सेज कमेटी के सदस्यों से सुनवाई के दौरान यह कहा।
उन्होंने सीनेट समिति के अध्यक्ष सीनेटर जॉन मैककेन के सवाल के जवाब में कहा कि आतंकियों का सुरक्षित पनाहगाह एक मुख्य चुनौती है। यह एक ऐसा पनाहगाह है जो हमारे दुश्मनों, खासतौर पर हक्कानी नेटवर्क के पास पाकिस्तान के अंदर है।
ओबामा एडीमिनिस्ट्रेशन के अफगान पाक पॉलिसी के आलोचक मैककेन ने अमेरिकी सैनिकों की वापसी को फौरन रोकने की भी मांग की। हक्कानी नेटवर्क अलकायदा से जुडा है। यह काबुल में भारतीय दूतावास पर 2008 में बमबारी सहित अफगानिस्तान में पश्मिची देशों और भारत के खिलाफ कई हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता रहा है।












Click it and Unblock the Notifications