Cyber Fraud : 'लाइफ़ इंश्योरेंस' के नाम पर 2 करोड़ 67 लाख की ठगी, 3 साल बाद खुला चौकाने वाला राज़
Cyber Fraud Of Crores : 2 ऐसे शातिर साइबर ठगों को अरेस्ट किया हैं, जिन्होंने लाइफ इंश्योरेंस के नाम पर एक रिटायर्ड कर्मचारी के खाते से करोड़ों रुपये ट्रांसफर करा लिए थे। पुलिस ने दोनों साइबर ठगों को अरेस्ट कर लिया।

गौतमबुद्ध नगर जनपद की नोएडा पुलिस ने 2 ऐसे शातिर साइबर ठगों को अरेस्ट किया हैं, जिन्होंने लाइफ इंश्योरेंस के नाम पर एक रिटायर्ड कर्मचारी के खाते से 2 करोड़ 67 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए थे।
करोड़ो की ठगी से मचा पुलिस महकमे में हड़कंप
नोएडा सेक्टर -20 की साइबर सेल को 2020 में एक एस्कोर्ट ग्रुप से रिटायर्ड कर्मचारी सुरेंद्र कुमार बंसल की शिकायत प्राप्त हुई थीं, कि कुछ लोगों द्वारा उससे लाइफ़ इंश्योरेंस के नाम पर 2 करोड़ 67 लाख रुपये की ठगी कर ली गईं हैं। जिसके चलते पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। जिसके बाद साइबर सेल व थाना पुलिस ने संयुक्त टीम बनाकर पूरे मामले की पड़ताल शुरू कर दी थी। इसी के चलते पुलिस ने लंबी पड़ताल के बाद दोनों साइबर ठगों को अरेस्ट कर लिया।

14 बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई थी करोड़ो की रकम
दरअसल सुरेंद्र कुमार बंसल एस्कोर्ट ग्रुप से 2005 में रिटायर हो गए थे। बंसल के मुताबिक एक दिन उनके पास करूणेश कुमार द्विवेदी का फोन आया था।जिसने खुद को इंश्योरेंस कंपनी का कर्मचारी बताते हुए उनसे कहा कि वह आपकी लाइफ़ इंश्योरेंस पॉलिसी को पूर्ण करा देंगे और जो उनका पैसा पॉलिसी में फंसा हैं। उनकी कंपनी उसे भी निकलवा देगी। इसी लालच में सुरेंद्र कुमार बंसल आ गए और उनके कहने पर अपने खाते से फोन करने वाले ठगों के खातों में 2 करोड़ 67 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिया। साइबर ठगों ने 14 अलग-अलग बैंक खातों में यह पैसा ट्रांसफर करवाया था। जिसके बाद जब ठगों ने बंसल का फोन उठाना बंद कर दिया, तब जाकर उन्हें अपने साथ हुई ठगी की भनक लगी।

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इन ठगों का शातिराना अंदाज कर देगा दंग
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए इन ठगों का अंदाज इतना शातिराना था, कि कोई भी इनके बहकावे में आ जाता था। यह लोग अधिकतर भोले भाले लोगों को बहका कर उनकी आईडी पर सिम खरीदते थे। जिसको वह अपने ठगी के धंधे में फोन करने के लिए यूज किया करते थे। इसके बाद इनके बाकी साथी ऐसे पॉलिसी धारकों का डेटा और नंबर सर्च करते थे। जिनकी पॉलिसी बंद हो चुकी हो और उन्हें फोन कर झूठा प्रलोभन देकर पॉलिसी का पैसा वापस दिलाने का झांसा देते थे।
ठगों तक पहुंचने में पुलिस को करना पड़ा सालों इंतज़ार
वही पुलिस अधिकारियों की मानें तो इन साइबर ठगों को पकड़ने में उन्हें करीब 3 साल का वक्त लगा हैं। यह दोनों शातिर ठग सर्विलांस की मदद से पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। जिनमें करुणेश कुमार द्विवेदी और अनिल शर्मा जो मूलतः कुशीनगर जनपद के रहने वाले हैं। लेकिन वर्तमान में पंजाब में रहते हैं। फिलहाल पुलिस ने दोनों को नोएडा के सेक्टर-31 से गिरफ्तार किया हैं। साथ ही इनके बाकी साथियों की तलाश पुलिस कर रही हैं। जिनके साथ मिलकर यह इस पूरे नेटवर्क को चलाते थे।












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