Noida : HDFC समेत कई अन्य बैंकों से 23 करोड़ की ठगी, फर्जी कंपनी बनाकर ऐसे लेते थे लोन
23 करोड़ से ज्यादा की ठगी करने वाले इस गिरोह का काम करने का तरीका वाकई चौका देने वाला है। यह ठग इतने शातिर तरीके से बैंकों को चूना लगा रहे थे, कि बैंक कर्मचारियों को हवा तक नहीं लगती थी।

यूपी स्पेशल टास्क फोर्स की नोएडा यूनिट ने फर्जी कंपनियां बनाकर बैंकों से ठगी करके वाले गिरोह को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह नकली दस्तावेजों के आधार पर फर्जी कंपनियां बनाकर बैंकों से विभिन्न प्रकार के लोन लेकर ठगी करते थे और ठगी करने के बाद फरार हो जाते थे। यूपी एसटीएफ ने गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आठ आरोपितों को जेवर टोल प्लाजा के पास से गिरफ्तार किया है। गिरोह में शामिल पांच आरोपी फरार है, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।

फर्जी कंपनी खोलकर करोड़ों का फ्रॉड
डीसीपी नोएडा हरीश चंदर ने बताया कि सेक्टर-4 स्थित क्रेडिट इंटेलिजेंस एवं कंट्रोल एचडीएफसी बैंक लिमिटेड के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत खुराना ने फेज-1 कोतवाली पुलिस को शिकायत दी थी कि अवैध रूप से आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से कुछ लोग फर्जी दस्तावेज तैयार कर फर्जी तरीके से अलग-अलग व्यक्तियों की आइडी बनाने के बाद प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां बनाकर बैंक से लोन लेकर हानि पहुंचा रहे हैं। जिसके बाद पुलिस द्वारा शिकायत दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी गई।

शातिर ठग फर्जी खाते में ट्रांसफर करते थे पैसा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपितों ने विभिन्न फर्जी नामों से फर्जी आधार कार्ड, फर्जी नाम से पैन कार्ड बनाते हैं और फिर कंपनी को (रजिस्ट्रार आफ कंपनीज) रजिस्टर कराकर अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाते हैं। इस प्रकार खोले गए खातों में फर्जी कंपनी के खाते से सैलरी के रूप में रुपये ट्रांसफर करते हैं, उस रुपये को एटीएम से निकालकर फिर उसी कंपनी के खाते में जमा करा देते हैं।

लोन लेने के बाद नहीं वापस करते थे बैंक का पैसा
इस प्रकार छह-सात महीने वेतन देने पर खातेदार लोन का हकदार हो जाता है। तब आरोपी आनलाइन लोन के लिए आवेदन करते थे। लोन के रुपयों को एटीएम से निकालते थे। जबकि फाइनेंस कंपनियों से भी कार, मोबाइल व अन्य वस्तुएं फाइनेंस कराते थे। लेकिन फाइनेंस और लोन के सामान को गबन कर आरोपी बैंक को पैसा वापस नहीं करते थे।

भरोसा जीतने के लिए ईपीएफओ खाते में भी जमा करते थे पैसा
आरोपियों ने फर्जी कंपनी में फर्जी कर्मचारी के खाते खुलवाए थे। इन कर्मचारियों के भविष्य निधि संगठन के खाते में पैसा जमा करते थे। जिससे कंपनी का अस्तित्व सही प्रतीत हो और फर्जी कर्मचारी दर्शाकर कर्मचारी के नाम पर लोन लेते समय बैंकों को कोई शक न हो। इसलिए बैंक भी इन्हें पकड़ नहीं पाता था। आरोपित यह काम किराए का फ्लैट लेकर करते थे।

आरोपी एचडीएफसी सहित अन्य बैंकों से ले चुके हैं लोन
आरोपियों ने जीएचसीएल कंपनी के नाम से मिलती जुलती जीएचसीएल टेक प्राइवेट लिमिटेड नाम की फर्जी कंपनी बनाकर ठगी का काम सेक्टर-119 में एक फ्लैट लेकर किया गया था। ये शातिर ठग अभी तक एचडीएफसी सहित अन्य बैंकों से करीब 23 करोड़ रुपये लोन के रूप में ले चुके हैं। लेकिन पैसा अबतक वापस नहीं किया है।

आरोपियों के पास से यह सामान हुआ बरामद
पुलिस ने इनके पास से काफी सामान बरामद किया है, जिसमें 518 अलग-अलग बैंकों की चेक बुक, 327 एटीएम कार्ड, 278 पैन कार्ड, 361 एक्टिवेट सिम कार्ड, 187 मोबाइल शामिल हैं। साथ ही पुलिस ने लगभग दो लाख नगद और विभिन्न खातों में लगभग 80 लाख रुपये फ्रिज किये हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिल्ली के अनुराग चटकारा उर्फ अनुराग अरोडा, गाजियाबाद के अमन शर्मा, सेक्टर-20 नोएडा के दानिश छिब्बर, मुरादाबाद के वसीम अहमद, बिजनौर के मोहसिन, आजमगढ़ के जीतू उर्फ जितेन्द्र, कन्नौज के रविकांत मिश्रा, भरतपुर (राजस्थान) के तनुज शर्मा के रूप में हुई है।
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