आठवीं पास ठगों ने कैसे नोएडा के इंजीनियर को ईमेल के जरिए फंसाया, फिर खाते में ट्रांसफर करा लिए 60 लाख

नोएडा/बरेली। आठवीं पास ठगों ने ईमेल का इस्तेमाल कर नोएडा के एक इंजीनियर को 60 लाख का चूना लगा दिया। इस धोखाधड़ी में शामिल तीन ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। तीनों उत्तर प्रदेश के बरेली के निवासी हैं। इन्होंने इंजीनियर तरुण वार्ष्णेय को ईमेल पर लंदन के अरबपति का वारिस बनाने का झांसा दिया। आठवीं पास ठगों के जाल में इंजीनियर तरुण वार्ष्णेय फंस गए और फिर उनके अलग-अलग खातों में 60 लाख रुपए भेज दिए। जब उनको ठगे जाने का अहसास हुआ तो थाने रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बरेली के नवाबगंज और सीबीगंज से अकीलुद्दीन, अनीस और अस्लीम को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया और उसके बाद जेल भेज दिया। आइए जानते हैं किस तरीके से इन ठगों ने ईमेल के जरिए जाल बिछाया ताकि आप भी इस तरह के साइबर फ्रॉड से बच सकें।

How eighth pass three men trapped noida engineer by email and get sixty lakhs

इंजीनियर को मिला एडवोकेट ब्रूजएडी का मेल
नोएडा में इंजीनियर तरुण वार्ष्णेय को आठ जनवरी 2019 को एडवोकेट ब्रूजएडी नाम से एक मेल मिला। इसमें लिखा था - लंदन में रह रहे एनआरआई अरबपति ब्रज वार्ष्णेय की संपत्ति का कोई वारिस नहीं है। ब्रज वार्ष्णेय और उनके परिवार के सभी सदस्यों की मौत हादसे में हो चुकी है। लिहाजा एक वारिस की तलाश है जो वार्ष्णेय गोत्र का हो। आप वार्ष्णेय गोत्र से हैं इसलिए आपको यह मेल मिल रहा है। ब्रज वार्ष्णेय के खाते में 12.5 मिलियन पाउंड (1.3 अरब) रुपए हैं जो आपको मिलेंगे। अगर आप वारिस बनेंगे तो आपके खाते में ये पैसे जमा करा दिए जाएंगे। इस काम के बदले हमें 50 प्रतिशत कमीशन देना होगा।

इंजीनियर तरुण के पास आए और भी मेल
इसके बाद इंजीनियर तरुण वार्ष्णेय के पास यूनाइटेड किंगडम अटॉर्नी और नेटिक्स बैंक लंदन के नाम से ईमेल आए जिसमें उनको फंड रिलीज दस्तावेजों से संबंधित औपचारिकताओं को पूरा करने को कहा गया। इंजीनियर ने जब दस्तावेजों को भरकर भेज दिया तो उनको मेल आया कि सारा पैसा रिजर्व बैंक इंडिया में जमा करा दिया गया है। फिर तरुण के पास विदेशी मुद्रा विनिमिय विभाग देहरादून की तरफ से मेल आने शुरू हो गए जिसमें विदेशी मुद्रा को भारतीय मुद्रा में बदलने, रजिस्ट्री समेत अन्य खर्चो के मद में उनसे पैसों की मांग की गई। इंजीनियर तरुण ने 25 बैंक खातों में 60 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। इस पर भी जब उनको ब्रज वार्ष्णेय की संपत्ति हासिल नहीं हो पाई तो उनको ठगे जाने का आभास हुआ।

तरुण ने थाने में ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई
नोएडा के थाने में जाकर इंजीनियर ने इस ठगी की शिकायत दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कार्रवाई शुरू की। साइबर पुलिस ने गुरुवार को बरेली से तीनों ठगों को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को उनको नोएडा के कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया। पुलिस की पूछताछ में ठगों ने बताया कि दो साल पहले उन्होंने यह काम शुरू किया था। तीनों आरोपितों ने जाबिर और राशिद का नाम लिया। आरोपितों ने बताया कि उनके आईडी और आधार कार्ड में पता बदलकर जाबिर और राशिद ने देश में कई जगहों पर बैंकों में खाते खुलवाए थे। जाबिर और राशिद उन खातों के एटीएम, चेकबुक, पासबुक, रजिस्टर्ड नंबर वाले सिम ले लेते थे। तीनों आरोपितों ने बताया कि एक बैंक खाता खुलवाने पर उनको बीस हजार रुपए दिए जाते थे। पुलिस ने बताया कि आरोपितों के 25 बैंक अकाउंट को फ्रीज करा दिया गया है। इन खातों में अभी 13 लाख रुपए ही मिले हैं। पुलिस इस मामले में आगे जांच कर कार्रवाई कर रही है।

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