दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों को नहीं भा रहा PM मोदी का यह आदेश
नयी दिल्ली। इस बार शिक्षक दिवस के मौके पर कुछ अलग होने वाला है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शिक्षक दिवस के दिन देशभर के छात्रों से रुबरु होंगे। टीवी, रेडियो, इंटरनेट के माध्यम से प्रधानमंत्री देश के हर बच्चे लाइव संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री के इस भाषण को देश के हर स्कूल में लाइव दिखाए जाने के आदेश दिए गए हैं।

मोदी का यह भाषण किसी भी माध्यम से दिखाया या सुनाया जाना अनिवार्य है। भले ही सरकार की मंशा अच्छी हो, लेकिन पीएम की यही मंशा दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों को बिल्कुल रास नहीं आ रही है। दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों का मानना है कि इस तरह सारी व्यवस्थाएं उन पर थोपी जा रही हैं।
दिल्ली सरकार के डायरेक्टरेट ऑफ एजुकेशन ने प्राइवेट और सरकारी स्कूलों को अधिसूचना जारी की है कि 5 सितंबर के दिन प्रधानमंत्री के संबोधन को बच्चों को दिखाया जाए और टीवी या इंटरनेट के माध्यम से शाम 3 बजे से लेकर 4:45 तक प्रश्न उत्तर सेशन का प्रबंध करें।
मानव संसाधन मंत्रायल ने अधिसूचना जारी किया है और इस संबंध में सरकार का निर्देश जारी किया है कि स्कूल अपने यहां टेलिविजन, सेट टॉप बॉक्स कनेक्शन, प्रोजेक्टर, स्क्रीन्स, एंप्लीफायर और जनरेटर या इंवर्टर आदि की व्यवस्थाएं कर लें यदि उपलब्ध नहीं है। हालांकि अधिकतर प्राइवेट स्कूलों ने पीएम के इस कदम को सकारात्मक और सही कदम बताया है पर उनका मानना है कि इस व्यवस्था को जरूरी किए जाने से बच्चे इस दिन को अच्छी तरह नहीं मना पाएंगे, जिससे टीचरों पर बहुत दबाव पड़ेगा।












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