गांधी को पूजने वाली दिल्ली ने वृद्धाश्रम के बुजुर्गों को बेघर-बेसहारा किया

बेसहारा बुजुर्गों की पथराई आखों में सुबह से लेकर रात तक यही आस थी कि शायद कहीं उन्हें अपना बसेरा मिलेगा मगर ऐसा नहीं हुआ। पहले अपनों ने ठुकराया, फिर जमाने ने बिसराया और अब देश की राजधानी में किसी सरकार, किसी प्रशासन को इनके दर्द पर दया नहीं आई। मालूम हो कि वसंतकुंज में निजी जमीन पर चल रहे अनाथालय में हर तरह के लोग थे। बुजुर्ग, विकलांग और घर से निकाले गये लोग। यहां लकड़ी और टेंट से घर बनाया गया था।
मगर जमीन की लीज ना बढ़ाने के चलते बुजुर्गों का ये अनाथालय बंद हो गया। फिलहाल एक एनजीओ इन बुजुर्गों की मदद कर रहा है और सरकार से गुहार लगा रहा है। बुजुर्गों की आंखे एक उम्मीद की तलाश में हैं कि कब किसी को उनपर तरस आये और उनको रहने के लिये छत का इंतजाम किया जाए। इस पूरे मामले में दिल्ली सरकार का सिर्फ ये कहना है कि पो इनको बसाने की कोशिश करेगी।












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