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Mudit Jain IRS : 2 बार छोड़नी पड़ी IPS की नौकरी, जानिए क्या थी दिल्ली के मुदित जैन की मजबूरी ?

नई दिल्ली। दुनिया की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक UPSC की CSE पहली बार पास कर लेने के बाद अक्सर कोई शख्स दुबारा यह परीक्षा नहीं देता। अगर कोई सफल अभ्यर्थी फिर यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में हिस्सा लेता है तो शायद आपका भी यही जवाब होगा कि इसमें नया क्या है? रैंक सुधारने के लिए ऐसा किया होगा, मगर दिल्ली के मुदित जैन की सक्सेस स्टोरी आपकी इस बात से ताल्लुक नहीं रखती है।

मुदित जैन, 173वीं रैंक, आईआरएस 2017

मुदित जैन, 173वीं रैंक, आईआरएस 2017

मुदित जैन वो शख्स हैं, जो यूपीएससी परीक्षा क्रैक करके दो बार IPS बनने का मौका छोड़ चुके हैं। कहानी में रोचक मोड़ तो देखिए कि अगले साल फिर परीक्षा दी और इस बार प्रारम्भिक परीक्षा तक पास नहीं कर पाए। मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार तक पहुंचना तो दूर की बात थी। पहले दो बार आईपीएस की लगी लगाई नौकरी छोड़ने और फिर फेल हो जाने के बावजूद मुदित ने हिम्मत नहीं हारी। एक बार दुबारा यूपीएससी परीक्षा में भाग्य आजमाया। इस बार पास हो गए, मगर आईपीएस से कम रैंक के अधिकारी IRS बने।

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    मजबूरी भी ऐसी कि हर हिम्मत हार जाए

    मजबूरी भी ऐसी कि हर हिम्मत हार जाए

    पहले लगातार दो बार आईपीएस (IPS) बनने। फिर ज्वाइन करने से पहले दोनों ही मौके गंवा देने। उसके बाद दुबारा परीक्षा देना। फेल हो जाना और अंत में आईआरएस अफसर बनना। यह सब कोई शौक या इत्तेफाक नहीं बल्कि मुदित जैन की मजबूरी थी। मजबूरी भी ऐसी कि हर किसी की हिम्मत जवाब दे जाए, मगर मुदित जैन ने हौसला रखा और अपनी कामयाबी, मजबूरी व असफलता के बीच एक नई प्रेरणादायक कहानी रच डाली।

    कौन हैं मुदित जैन ( Mudit Jain IRS Biography in Hindi)

    कौन हैं मुदित जैन ( Mudit Jain IRS Biography in Hindi)

    मुदित जैन मूलरूप से दिल्ली के रहने वाले हैं। इनकी पढ़ाई दिल्ली पूर्व के लवली पब्लिक स्कूल से हुई। इसके बाद इन्होंने नोएडा एमएनआईटी से इंजीनियरिंग की। इंजीनियर बनकर मुदित बंगलौर की एक कम्पनी में जॉब करने लगे थे। पिता चाहते थे कि बेटा आईएएस अफसर बने। इसलिए मुदित जून 2012 में जॉब छोड़कर दिल्ली आ गए।

     घर की बजाय हॉस्टल में रहने लगे

    घर की बजाय हॉस्टल में रहने लगे

    दिल्ली आकर मुदित ने UPSC की तैयारी शुरू कर दी। इसके लिए घर रहने की बजाय दिल्ली के करोल बाग स्थित हॉस्टल में रहकर तैयारी करने लगे। वर्ष 2013 से लेकर वर्ष 2017 तक लगातार यूपीएएसी की परीक्षा दी। इनमें दो बार फेल हुए। दो बार आईपीएस और एक बार आईआरएस बने। वर्तमान में आयकर विभाग दिलली में आईआरएस के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।

     मुदित जैन के पांच प्रयास

    मुदित जैन के पांच प्रयास

    1. साल 2013 में साक्षात्कार तक पहुंच पाए

    2. साल 2014 में 222वीं रैंक पाकर IPS बने
    3. साल 2015 में 207वीं रैंक पाकर IPS बने
    4. साल 2016 में प्रारम्भिक परीक्षा में फेल
    5. साल 2017 में 173वीं रैंक पाकर IRS बने

     घुटनों की गंभीर बीमारी थी मुदित की मजबूरी

    घुटनों की गंभीर बीमारी थी मुदित की मजबूरी

    मीडिया से बातचीत में मुदित जैन बताते हैं कि 2014 में अपने दूसरे प्रयास मैं आईपीएस बन गया था। ट्रेनिंग पर भी चला गया था, मगर ट्रेनिंग शुरू होने के दो वीक बाद ही मेरे घुटनों में इंजरी हो गई थी, जो इतनी गंभीर थी कि डॉक्टरों ने स्पष्ट कह दिया था कि वे आईपीएस की ट्रेनिंग नहीं कर सकते। इसलिए मुदित को IPS की ट्रेनिंग बीच में छोड़कर घर लौटना पड़ा।

    आईएएस या आईआरएस बनने की सलाह दी

    आईएएस या आईआरएस बनने की सलाह दी

    डॉक्टरों ने मुदित जैन के घुटनों की बीमारी को देखते हुए उन्हें आईपीएस की कठिन ट्रेनिंग नहीं करने की बात कहते हुए उन्हें आईएएस या आईआरएस बनने की सलाह दी। इस बीच मुदित यूपीएससी 2015 की परीक्षा दे चुके थे। इसमें भी पास हो गए और फिर आईपीएस बने, मगर घुटनों की इंजरी के कारण इस बार भी ज्वाइन नहीं किया। फिर मुदित ने लगातार दो बार फिर परीक्षा दी और वर्ष 2017 में आईआरएस बनने में सफल हो गए।

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