यमुना नदी की सफाई के लिये शीला दीक्षित को बुलायें केजरीवाल, जानिए क्यों
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। राजधानी में यमुना जी का जो हश्र हो गया है उसे सब दिल्ली वाले जानते-देखते हैं। यमुना लगातार जहरीली नदी होती जा रही है। जाहिर है अरविंद केजरीवाल की सरकार ने इसकी सफाई का प्लान भी बनाया है। लेकिन हमारा सुझाव यह है कि यमुना नदी की सफाई के लिये वे शीला दीक्षित को बुलायें!
ऐसा क्यों यह बताने से पहले दिल्ली मेट्रो का एक वाक्या हम आपसे शेयर करना चाहेंगे। वरिष्ठ लेखक शकील अख्तर ने बीते दिनों मेट्रो रेल से शाम वापस आते हुए जब इन्द्रप्रस्थ स्टेशन के बाद यमुना नदी पहुंचे तो अचानक उनके कानों में आवाज पड़ी कि- जे जमना जी थोड़े ईं हैं!
उन्हें घूमकर देखा तो एक महिला हल्की हंसीं के साथ अपने पास बैठे पुरुष को जवाब दे रहीं थीं। पुरुष ने कहा जे ई हैं। महिला ने फिर कहा जे कोई और नद्दी है। जमना जी का अइसी होतीं हैं।
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सामान्यतः ऐसे आपसी संवाद में पड़ने का कोई मतलब नहीं था मगर शकील बोल पड़े कि जमना जी ही हैं। का...महिला का चेहरा अचानक बुझ गया। बडी सी खिड़की से बाहर झांकते उसके चेहरे पर आश्चर्य, निराशा एक साथ उपजे, वह गुम सी हो गई।
खोए-खोए चेहरे
मेट्रो यमुना बैंक आ गई। यमुना की क्षीणकाय धारा विलुप्त हो गई। लेकिन उस किसी सामान्य कस्बे की आम महिला के खोए- खोए चेहरे को देखकर शकील अख्तर को लगने लगा कि हमसे गलती हो गई।
वह भोली, मासूम जमुना जी एक छवि बनाए हुए थी। अचानक गंदले, रुके हुए पानी को वह कैसे जमुना माने! शकील अख्तर उस महिला का अवाक चेहरा भूल नहीं पा रहे। उसे किसने धोखा दिया!
केजरीवाल के लिये सलाह
अब एक सलाह मुख्यमंत्री केजरीवाल के लिये बनती है। वो यह कि अगर उन्हें यमुना नदी को साफ करवाना है, तो उसके लिये शीला दीक्षित को बुलायें। उनसे टिप्स लें कि सफाई का काम कैसे किया जाये, क्योंकि वे सरकारी खर्च पर यही चीज सीखने जुलाई 2002 में लंदन गई थीं।
शीला दीक्षित ने मुख्यमंत्री रहते हुए वादा किया था कि यमुना को थेम्स नदी की तरह साफ-सुथरी नदी बनायेंगी। 15 साल मुख्यमंत्री रहीं, लेकिन कुछ नहीं किया।













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