डॉ नारंग की हत्या पर राजनीति, लेकिन केजरीवाल के लिए वोटबैंक नहीं
नयी दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के विकासपुरी में बदमाशों ने मामूली बात को लेकर एक डॉक्टर की पीट-पीटकर हत्या कर दी। डॉ. नारंग की हत अब राजनीति का मुद्दा बनती जा रही है। भाजपा ने दिल्ली सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि सीएम केजरीवाल ने इस हत्या पर चुप्पी साध रखी है जो कि शर्मनाक है।

भाजपा की युवा नेता नूपुर शर्मा ने वनइंडिया से बातचीत के दौरान कहा कि डॉ नारंग की हत्या पर केजरीवाल की चुप्पी शर्मनाक है तो वहीं नारंग के मित्रों ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल से मिलकर नारंग के परिजनों के लिए सुरक्षा की मांग की। अपने ट्वीट में लिखकर केजरीवाल ने खुद इस बात का जिक्र किया है।
एलजी की सलाह
इस मुद्दे पर केजरीवाल ने लिखा है कि उपराज्यपाल ने भी नारंग के परिजनों को सुरक्षा देने के लिए सहमति जताई है। लेकिन उन्होंने अभी मुझे डॉ. नारंग के परिजनों से न मिलने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि मैं अभी डॉ नारंग के परिजनों से नहीं मिलूं क्योंकि वे सदमे में होंगे।
वोट बैंक की राजनीति
केजरीवाल के इस ट्वीट ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या डॉ नारंग के परिजन आम आदमी पार्टी के लिए वोट बैंक का मुद्दा नहीं है। क्योंकि जब गो मांस को लेकर दादरी में अखलाक की हत्या की गई थी तो केजरीवाल ने वहां जाने में देर नहीं लगाई। हैदराबाद में रोहित वेमुला ने आत्महत्या की तो केजरीवाल ने फौरन हैदराबाद का रुख कर लिया, लेकिन जब बात डॉ नारंग की होती है तो उन्हें एलजी से सलाह देनी पड़ रही है। सवाल उठ रहे है कि जिस सदमे की बात केजरीवाल नारंग के परिजनों के लिए कर रहे हैं तो क्या अखलाक के परिजन उस समय सदमे में नहीं थे या फिर वेमुला के परिजन उनकी मौत से दुखी नहीं थे? इस सवाल का जवाब केजरीवाल और आम आदमी पार्टी ही दे सकती है।












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