दिल्ली LG के खिलाफ दिल्ली सीएम केजरीवाल ने निकाला मार्च, सरकार के काम में हस्तक्षेप का लगाया आरोप
दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत आप के अन्य नेताओं ने दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के खिलाफ सोमवार को मार्च निकाला है।

दिल्ली के उपराज्पाल और दिल्ली की अरविंद केजरीवाल के बीच चल रही लड़ाई अब राजधानी की सड़क तक पहुंच चुकी है। सोमवार को आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिज्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत अन्य कैबिनेट के अन्य मंत्रियों ने उपराज्यपाल के विरोध में सड़क पर मार्च निकाला। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भी केजरीवाल के इस मार्च में शामिल हुए। उन्होंने दिल्ली की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के कामकाज में दिल्ली एलजी द्वारा हस्तक्षेप किए जाने का आरोप लगाया। इस मार्च में प्रमुख रूप से फिनलैंड में दिल्ली के सरकारी शिक्षकों के ट्रेनिंग प्रोग्राम के प्रस्ताव को एलजी द्वारा खारिज किए जाने का मुद्दा उठाया गया।
हालांकि सूत्रों के अनुसार दिल्ली के उपराज्यपाल ने फिनलैंड में प्राथमिक प्रभारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रस्ताव को खारिज नहीं किया है। ऐसा कोई भी बयान नहीं जारी किया इसके विपरीत आप का ये मार्च जानबूझकर भ्रामक और शरारत से प्रेरित है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप के अन्य नेता एजी के खिलाफ निकाले गए मार्च में नारे लगाते हुए बैनर लिए नजर आए।केजरीवाल ने ट्टीट करते हुए लिखा
दिल्ली को अत्याचार नहीं, संविधान और लोकतंत्र चाहिए। लोगों के अधिकारों के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
पत्रकारों से बात करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा
शिक्षकों को रोकने वाले एलजी साहब कौन होते हैं? दिल्ली सरकार के प्रस्ताव के जवाब में, हमें फिनलैंड में शिक्षकों के प्रशिक्षण के लागत-लाभ विश्लेषण करने के लिए कहा गया है... वेतन" मोहल्ला क्लीनिक के डॉक्टरों को बंद कर दिया गया है। क्या वह यह सब भाजपा के इशारे पर कर रहे हैं?"बता दें बीते सप्ताह दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी टीचरों की ट्रेनिंग का मुद्दा उठाया था। उन्होंने एलजी सक्सेना और भाजपा पर दिल्ली सरकार के शिक्षा मॉडल को "नष्ट" करने का आरोप लगाया था।
एचटी की रिपोर्ट में दावा किया गया था। स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी) ने फिनलैंड के जैवस्कीला विश्वविद्यालय में दिल्ली सरकार के स्कूलों के प्राथमिक प्रभारियों और शिक्षक शिक्षकों के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रस्ताव तैयार किया था। 30 शिक्षकों के प्रशिक्षण के इस प्रस्ताव को राज्य सरकार ने स्वीकार कर लिया और एलजी को भेज दिया, जिन्होंने फाइल वापस भेज दी।
जबकि एलजी कार्यालय ने कहा कि 'एलजी ने फिनलैंड में प्राथमिक प्रभारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रस्ताव को खारिज नहीं किया है। इसके विपरीत कोई भी बयान भ्रामक और शरारत से प्रेरित है।'
दिल्ली को तानाशाही नहीं बल्कि संविधान और जनतंत्र चाहिए। जनता के हक़ के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा। https://t.co/t9qYgJwMFw
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) January 16, 2023












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