शीला दीक्षित के हाथों लॉन्च शराब हुई फ्लॉप

दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने कहा, 'इस कदम को बढ़ावा देने वाले प्रचार की कमी के कारण ब्रांड की बिक्री में गिरावट आई है और उत्पादन में भी अनिश्चितता दिख रही है।'दो साल पहले बाजार में दिल्ली मीडियम लीकर डीएमएल को पेश किया गया था, लेकिन विज्ञापन की कमी के साथ इसे अभी ग्राहकों ने ज्यादा नहीं खरीदा।
अधिकारी ने कहा, 'डीएमएल को लोकल ब्रांड खरीदने वाले ग्राहक शायद ही जानते हैं। अन्य लोक ब्रांड्स के नाम फैंसी होने की वजह से ज्यादा पॉपुलर हैं। साथ ही अन्य कारणों की वजह से भी डीएमएल की बिक्री कम हो रही है।'
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गौरतलब है कि डीएमएल को साल 2012 में शीला दीक्षित की अगुवाई वाली सरकार ने लॉन्च किया था। यह सरकार की ओर से पेश किया गया पायलेट प्रोजेक्ट है। इसका मकसद स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालने वाली कच्ची और सस्ती शराब की जगह लेना था।
अधिकारी ने बताया कि स्थानीय स्तर पर बनने वाली शराब ज्यादा हानिकारक है। सरकार का मकसद गुणवत्ता पर ध्यान देते हुए इस प्रकार की शराब की जगह लेना था, जिसकी कीमत भी कम हो। इस प्रकार की सस्ती शराब दक्षिण भारत के राज्यों जैसे आंध्र प्रदेश, कनार्टक, तमिलनाडु और केरल में खत्म हो गई हैं। यहां अब बेहतर गुणवत्ता वाली शराब की बिक्री होती है।
इस पूरे मामले पर पूर्व सीएम शीला दीक्षित पर ही जिम्मेदारी का बोझ डाला जा रहा है। हालांकि ब्राण्ड को लेकर इश्यू सिर्फ इतना सा है कि प्रचार-प्रसार की कमी के चलते अब यह बंद होने की कगार पर पहुंच चुका है।












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